नई दिल्ली, 22 अप्रैल । जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में पिछले साल हुए आतंकी हमले की बरसी पर उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, केंद्रीय गृह एवं सहकारितामंत्री अमित शाह ने बुधवार को एक्स पर श्रद्धांजलि अर्पित की।
उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने पहलगाम हमले को “कायरतापूर्ण और क्रूर कृत्य” बताते हुए कहा कि इसमें खोए गए जीवन हमारी सामूहिक स्मृति में हमेशा जीवित रहेंगे। उन्होंने पीड़ित परिवारों के प्रति एकजुटता व्यक्त करते हुए कहा कि ऐसे कृत्य शांति, एकता और मानवता के मूल्यों को कमजोर नहीं कर सकते। हम आतंकवाद के सभी रूपों और अभिव्यक्तियों से मुकाबला करने के अपने दृढ़ संकल्प पर कायम हैं।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अपने संदेश में पिछले वर्ष इसी दिन पहलगाम में हुए भयावह आतंकी हमले में जान गंवाने वाले निर्दोष लोगों को श्रद्धांजलि अर्पित की। प्रधानमंत्री ने पीड़ितों को याद करते हुए कहा कि उन्हें कभी भुलाया नहीं जा सकेगा। उन्होंने इस दुख की घड़ी में उनके परिवारों के साथ खड़े रहने की राष्ट्र की अटूट प्रतिबद्धता को दोहराया।
प्रधानमंत्री मोदी ने इस बात पर जोर दिया कि देश दुख की इस घड़ी में एकजुट है और आतंकवाद के खिलाफ उसका दृढ़ संकल्प अटूट है। उन्होंने दोहराया कि देश आतंकवाद के किसी भी रूप के आगे कभी नहीं झुकेगा और आतंकवादियों के नापाक मंसूबे कभी कामयाब नहीं होंगे। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि एक राष्ट्र के रूप में, हम शोक और दृढ़ संकल्प में एकजुट हैं। भारत आतंकवाद के किसी भी रूप के आगे कभी नहीं झुकेगा। आतंकवादियों के घिनौने मंसूबे कभी सफल नहीं होंगे।
केंद्रीय गृह और सहकारितामंत्री अमित शाह ने कहा कि इस हमले का दर्द आज भी हर भारतीय के दिल में बसा हुआ है। उन्होंने आतंकवाद को “मानवता का सबसे बड़ा शत्रु” बताते हुए कहा कि इसके खिलाफ देश को एकजुट होकर लड़ना होगा। शाह ने यह भी स्पष्ट किया कि भारत आतंकवाद और उसे समर्थन देने वालों के खिलाफ अपनी शून्य-सहिष्णुता नीति जारी रखेगा। उल्लेखनीय है कि 22 अप्रैल, 2025 को पहलगाम की बेसरन घाटी में लश्कर-ए-तैयबा एवं टीआरएफ के आतंकियों ने पर्यटकों पर सुनियोजित हमला कर 26 लोगों की जान ले ली थी। यह हमला धर्म के आधार पर निशाना बनाकर, सांप्रदायिक अशांति फैलाने के लिए किया गया।
