सोनीपत, 22 अप्रैल । सोनीपत
जिले के गांव नंदनौर में किसान पर हमले के बाद दूसरे दिन भी तेंदुए को पकड़ने के लिए
कार्रवाई तेज कर दी गई है। वन विभाग और पुलिस ने संयुक्त रूप से मोर्चा संभाल रखा है।
एक्सपर्ट टीम लगातार इलाके में तलाश अभियान चला रही है। बुधवार को तेंदुए काे पड़ने
के लिए पिजरे लगाए गए हैं।
वन्यजीव
टीम बुधवार सुबह से ही खेतों, झाड़ियों और यमुना किनारे दूर-दूर तक छानबीन करती रही।
टीम को कई जगह संदिग्ध पैरों के निशान मिले हैं, जिससे तेंदुए की मौजूदगी का सन्देह
बना हुआ है। अधिकारियों के अनुसार पेड़ के नीचे मिले ताजा निशानों से यह पुष्टि हो
चुकी है कि हमले के पीछे तेंदुआ ही था। फिलहाल टीम इलाके की घेराबंदी कर लगातार निगरानी
कर रही है। तेंदुए को सुरक्षित पकड़ने के लिए इलाके में पिंजरे लगाए गए हैं। साथ ही
ट्रैंक्विलाइजर गन की व्यवस्था की गई है, ताकि दिखने पर उसे बेहोश कर रेस्क्यू किया
जा सके।
इस कार्य के लिए वन्यजीव चिकित्सक को भी मौके पर तैनात रखा गया है। विभाग का
कहना है कि तेंदुआ अभी आसपास के खेतों या झाड़ियों में छिपा हो सकता है। घटना के बाद
गांवों में दहशत बनी हुई है। लोग सुबह और शाम खेतों में जाने से बच रहे हैं। वन विभाग
ने मुनादी कराकर ग्रामीणों को सतर्क रहने का सन्देश दिया है। लोगों को सलाह दी गई है
कि वे अकेले खेतों में न जाएं, कम से कम तीन-चार लोगों के साथ ही निकलें और शोर करते
रहें। पुलिस
और वन विभाग ने संयुक्त निगरानी जारी रखी है। अधिकारियों का कहना है कि तेंदुए को जल्द
पकड़ने के लिए अभियान लगातार जारी रहेगा और इलाके में सुरक्षा बन्दोबस्त बढ़ाया गया
है।
