बलरामपुर : मूसलाधार बारिश से कन्हर में लौटी धार, रामानुजगंज के 25 हजार लोगों को राहत | The Voice TV

Quote :

“स्वयं जैसे हो वैसे ही रहो; बाकी सब तो पहले से ही कोई और बन चुके हैं।” ― ऑस्कर वाइल्ड

National

बलरामपुर : मूसलाधार बारिश से कन्हर में लौटी धार, रामानुजगंज के 25 हजार लोगों को राहत

Date : 03-May-2026

 बलरामपुर, 03 मई । भीषण गर्मी के बीच पूरी तरह सूख चुकी कन्हर नदी ने रामानुजगंज के लोगों को पेयजल संकट में धकेल दिया था। लेकिन मई की शुरुआत में हुई तेज बारिश ने हालात बदल दिए हैं। नदी में फिर से पानी आने से जहां लोगों ने राहत की सांस ली है, वहीं एनीकट के खराब गेट भविष्य के लिए नई चिंता खड़ी कर रहे हैं।

बलरामपुर जिले के रामानुजगंज नगर में अप्रैल के अंतिम दिनों में कन्हर नदी के पूरी तरह सूख जाने से लगभग 25 हजार की आबादी गहरे पेयजल संकट से जूझ रही थी। नगर पालिका द्वारा डबरी निर्माण कर किसी तरह पानी की आपूर्ति की जा रही थी, लेकिन स्थिति लगातार गंभीर बनी हुई थी। नदी के सूखने से न सिर्फ आमजन, बल्कि पशु-पक्षियों के सामने भी पानी का संकट खड़ा हो गया था।

कन्हर नदी छत्तीसगढ़ और झारखंड की सीमा को जोड़ती है। इस पार रामानुजगंज और उस पार झारखंड के गोदरमना क्षेत्र के हजारों लोग इसी नदी के पानी पर निर्भर हैं। ऐसे में नदी का सूखना दोनों राज्यों के सीमावर्ती इलाकों के लिए बड़ी समस्या बन गया था।

इसी बीच मई के शुरुआती दिनों में मौसम ने करवट ली और बीती शाम गरज-चमक के साथ हुई तेज मूसलाधार बारिश ने हालात बदल दिए। बारिश के बाद कन्हर नदी में फिर से पानी आ गया है और जलस्तर में बढ़ोतरी दर्ज की गई है। इससे क्षेत्र में पेयजल संकट कम होने की उम्मीद जगी है।

नगर के समाजसेवी विकास दुबे ने बताया कि, बीते 15 दिनों से कन्हर पूरी तरह सूख चुकी थी, जिससे लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। लेकिन हालिया बारिश से नदी में पानी आ गया है और लोगों को बड़ी राहत मिली है। उन्होंने कहा कि तापमान में गिरावट आने से भी लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिली है, वहीं नदी में पानी आने से पशु-पक्षियों को भी जीवनदान मिला है।

हालांकि राहत के बीच एक बड़ी चिंता भी सामने आई है। कन्हर नदी पर बने एनीकट के गेट खराब हैं, जिसके कारण पानी धीरे-धीरे रिसकर बह रहा है। यदि समय रहते मरम्मत नहीं कराई गई, तो नदी का जलस्तर फिर से घट सकता है और नगर एक बार फिर पेयजल संकट की चपेट में आ सकता है।

इस संबंध में जल संसाधन विभाग के एसडीओ आशीष जगत ने बताया कि, बारिश से जलस्तर में बढ़ोतरी हुई है, लेकिन एनीकट के गेट खराब होने के कारण पानी को रोका नहीं जा पा रहा है। उन्होंने कहा कि गेट भारी होने के कारण स्थानीय स्तर पर मरम्मत संभव नहीं है। इसके लिए अंबिकापुर स्थित विभागीय टीम को पत्र भेजा जाएगा और जल्द ही मरम्मत कार्य कराया जाएगा।

उल्लेखनीय है कि, कन्हर में लौटी पानी की धार ने रामानुजगंज और आसपास के क्षेत्रों को राहत जरूर दी है, लेकिन स्थायी समाधान के लिए एनीकट के गेट की मरम्मत अब बेहद जरूरी हो गई है।


RELATED POST

Leave a reply
Click to reload image
Click on the image to reload
Advertisement









Advertisement