धमतरी, 07 मई । कृषि और सहकारिता के क्षेत्र में छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले ने एक नई उपलब्धि हासिल करते हुए पूरे प्रदेश में अपनी अलग पहचान बनाई है। भारत सरकार की महत्वाकांक्षी “विश्व की सबसे बड़ी अनाज भंडारण योजना” के प्रभावी क्रियान्वयन में धमतरी मॉडल जिले के रूप में उभरकर सामने आया है। खास बात यह है कि प्रदेश में हुई कुल चना खरीद का लगभग 50 प्रतिशत हिस्सा अकेले धमतरी जिले से दर्ज किया गया है।
योजना के तहत जिले की चार प्रमुख प्राथमिक कृषि साख सहकारी समितियों — अंवरी, कोसमर्रा, पोटियाडीह (अमदी) और कोलियारी में अत्याधुनिक भंडारण गोदाम बनाए जाएंगे। एनसीसीएफ रायपुर द्वारा इन समितियों को ‘गोदाम हायरिंग एश्योरेंस लेटर’ जारी कर दिए गए हैं। प्रत्येक गोदाम की क्षमता 2500 मीट्रिक टन होगी, जहां वैज्ञानिक तरीके से चने का सुरक्षित भंडारण किया जाएगा। चना खरीद के मामले में धमतरी ने उल्लेखनीय सफलता हासिल की है। जिले में अब तक 97 हजार क्विंटल चने की खरीद की जा चुकी है, जबकि प्रारंभिक लक्ष्य 1 लाख क्विंटल रखा गया था। लक्ष्य के करीब पहुंचने के बावजूद खरीदी प्रक्रिया लगातार जारी है। प्रशासनिक सक्रियता और किसानों की भागीदारी ने जिले को प्रदेश में अग्रणी स्थान दिलाया है। योजना को गति देने के लिए एग्रीमेंट और एमओयू की प्रक्रिया तेजी से पूरी की जा रही है।
तकनीकी और संचालन संबंधी विषयों पर चर्चा के लिए नेशनल कोऑपरेटिव कंज्यूमर्स फेडरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (एनसीसीएफ ) मुख्यालय नई दिल्ली, आरसीएस अधिकारियों और पैक्स प्रबंधकों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से उच्च स्तरीय बैठक की तैयारी भी की जा रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस योजना से ग्रामीण क्षेत्रों में भंडारण सुविधाएं मजबूत होंगी, खाद्यान्न की बर्बादी रुकेगी और किसानों को उनकी उपज का बेहतर मूल्य मिलेगा। साथ ही परिवहन लागत में कमी आने से किसानों को सीधा लाभ पहुंचेगा।
उल्लेखनीय है कि भारत सरकार ने 31 मई 2023 को इस योजना की शुरुआत की थी। इसका उद्देश्य गांव स्तर पर पैक्स समितियों के माध्यम से भंडारण, प्रोसेसिंग यूनिट और कस्टम हायरिंग सेंटर स्थापित करना है। धमतरी की सफलता अब प्रदेश के अन्य जिलों के लिए प्रेरणा बनती जा रही
