केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) की अपनी दो दिवसीय यात्रा सफलतापूर्वक पूरी की, जिसमें व्यापार, निवेश और उभरती तकनीकों के क्षेत्र में सहयोग की नई संभावनाओं पर बल दिया गया।
श्री गोयल ने इस दौरे को अत्यंत सकारात्मक और रचनात्मक बताया। उन्होंने कहा कि भारत-यूएई रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने के लिए दोनों देशों के सरकारी और व्यावसायिक प्रतिनिधियों के बीच गहन चर्चा हुई। उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि दोनों पक्षों ने राजनीतिक, कूटनीतिक, आर्थिक और जन-सामान्य के स्तर पर सहयोग को विस्तार देने की प्रतिबद्धता जताई है।
अपनी यात्रा के दौरान मंत्री ने भारत-यूएई उच्च-स्तरीय संयुक्त कार्यबल की 13वीं बैठक की सह-अध्यक्षता की। इसके उपरांत उन्होंने यूएई के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार शेख तहनून बिन जायद अल नाहयान, निवेश मंत्री मोहम्मद हसन अलसुवैदी और विदेश व्यापार मंत्री डॉ. थानी बिन अहमद अल ज़ायौदी सहित वरिष्ठ अधिकारियों से व्यापक बातचीत की। इन बैठकों में बुनियादी ढाँचे, ऊर्जा सुरक्षा, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, जीनोमिक्स और डेटा केंद्रों जैसी उन्नत तकनीकों में सहयोग पर विशेष ध्यान दिया गया।
इसके अलावा, श्री गोयल और डॉ. अल ज़ायौदी ने संयुक्त रूप से भारत-यूएई व्यापार परिषद के गोलमेज सम्मेलन को संबोधित किया। इस सम्मेलन में विनिर्माण, आधारभूत ढाँचे और तीसरे देशों में संयुक्त परियोजनाओं की संभावनाओं पर चर्चा हुई। उन्होंने भारत के स्टार्टअप पारिस्थितिकी तंत्र, लॉजिस्टिक्स, बैंकिंग और फिनटेक क्षेत्र में यूएई निवेशकों की बढ़ती रुचि को रेखांकित किया।
मंत्री गोयल ने इस बात पर ज़ोर दिया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में व्यापार को सरल बनाने और संरचनात्मक सुधारों पर दिए जा रहे जोर ने भारत को बड़े पैमाने पर निवेश के लिए एक आकर्षक गंतव्य बना दिया है।
