अमेरिका की आपत्तियों को नजरअंदाज करते हुए, ब्रिटेन ने फ़िलिस्तीनी राज्य को आधिकारिक मान्यता देने की घोषणा कर दी है। ब्रिटिश प्रधानमंत्री कीर स्टारमर ने एक वीडियो संदेश के माध्यम से इस निर्णय की पुष्टि की, जिसमें उन्होंने फ़िलिस्तीनी जनता के अधिकारों और दो-राष्ट्र समाधान के प्रति ब्रिटेन की प्रतिबद्धता को दोहराया।
प्रधानमंत्री स्टारमर ने गाज़ा में जारी मानवीय संकट को "मानव-निर्मित" बताते हुए उसकी कड़ी निंदा की और कहा कि इस संघर्ष में अब तक हज़ारों लोग अपनी जान गंवा चुके हैं।
ब्रिटिश सरकार ने इस कदम को महज़ प्रतीकात्मक नहीं बल्कि व्यावहारिक बताया है। विदेश मंत्रालय के बयान में कहा गया कि केवल मान्यता देना ही काफी नहीं, बल्कि इस क्षेत्र में स्थायी शांति स्थापित करने के लिए ठोस कदमों की आवश्यकता है। मंत्रालय के अनुसार, ब्रिटेन अब क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय नेताओं के साथ मिलकर एक ऐसे शांति ढांचे पर काम कर रहा है, जो संघर्षविराम से लेकर एक स्थायी समाधान की दिशा में ले जा सके।
यह निर्णय ऐसे समय आया है जब गाज़ा में हिंसा और मानवीय त्रासदी लगातार बढ़ती जा रही है, और अंतरराष्ट्रीय समुदाय पर दबाव है कि वह समाधान के लिए निर्णायक भूमिका निभाए।
