लगभग 60 वर्षों में पहली बार किसी सीरियाई राष्ट्रपति ने संयुक्त राष्ट्र महासभा को संबोधित किया, जिससे देश की बदलती राजनीतिक दिशा और अंतरराष्ट्रीय मंच पर वापसी का संकेत मिला। राष्ट्रपति अहमद अल-शरा, जो दिसंबर में असद शासन के पतन के बाद सत्ता में आए, ने अपने ऐतिहासिक भाषण में न्याय, सुधार और राष्ट्रीय सुलह का वादा किया।
उन्होंने कहा कि दशकों के तानाशाही और दमन के दौर के बाद सीरिया अब एक नए युग में प्रवेश कर रहा है और वैश्विक समुदाय के बीच अपना स्थान पुनः स्थापित करने को तैयार है। अल-शरा ने कहा कि अतीत में देश ने अत्याचार, सामूहिक हत्याओं और यातनाओं का अनुभव किया, लेकिन अब बदलाव का समय है।
1967 के बाद संयुक्त राष्ट्र महासभा में किसी सीरियाई राष्ट्राध्यक्ष की यह पहली उपस्थिति थी। अपने भाषण में उन्होंने इज़राइल की ओर से जारी सैन्य कार्रवाइयों और धमकियों की आलोचना की, जिन्हें उन्होंने क्षेत्रीय शांति और स्थिरता के लिए ख़तरा बताया।
अल-शरा ने सीरिया में अवैध मादक द्रव्यों के व्यापार पर नियंत्रण के लिए की गई कोशिशों और उसमें मिली सफलता को रेखांकित किया। साथ ही, उन्होंने अमेरिका और उसके सहयोगियों से आर्थिक प्रतिबंध हटाने की मांग करते हुए कहा कि ये प्रतिबंध सीरियाई नागरिकों के लिए एक प्रकार की सामूहिक सजा हैं।
राष्ट्रपति ने स्पष्ट किया कि सीरिया अब अतीत से सीखकर भविष्य की ओर देख रहा है—एक ऐसा भविष्य जिसमें न्याय, विकास और शांति की पुनर्स्थापना केंद्र में होगी।
