रूस ने एक बार फिर भारत की संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (यूएनएससी) में स्थायी सदस्यता के प्रयासों के प्रति अपना स्पष्ट समर्थन व्यक्त किया है। यह समर्थन संयुक्त राष्ट्र महासभा (यूएनजीए) के 80वें सत्र के दौरान रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव द्वारा दिया गया।
लावरोव ने कहा कि वर्तमान वैश्विक परिस्थितियाँ अब वैसी नहीं रहीं जैसी 80 वर्ष पहले, संयुक्त राष्ट्र की स्थापना के समय थीं। उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि इस बदले हुए वैश्विक संतुलन को ध्यान में रखते हुए संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में सुधारों की तत्काल आवश्यकता है, ताकि यह अधिक प्रभावी, उत्तरदायी और प्रतिनिधित्वपूर्ण बन सके।
रूसी विदेश मंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि रूस, ब्राज़ील के साथ मिलकर, एशिया, अफ्रीका और लैटिन अमेरिका से अधिक प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करने की दिशा में भारत की स्थायी सदस्यता की दावेदारी का समर्थन करता है। गौरतलब है कि इस प्रकार, रूस फिलहाल संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद का एकमात्र स्थायी सदस्य है जिसने भारत को स्थायी सदस्य बनाए जाने के लिए खुलकर समर्थन दिया है।
अपने संबोधन में लावरोव ने शंघाई सहयोग संगठन (SCO) और ब्रिक्स जैसे मंचों की भूमिका की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि ये समूह वैश्विक दक्षिण की सामूहिक आवाज़ को आकार देने और विकासशील देशों के हितों के समन्वय में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।
इस वर्ष के महासभा सत्र में संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में व्यापक सुधार की मांग एक मुख्य विषय बनकर उभरी है, जिसमें भारत की दावेदारी को वैश्विक स्तर पर मजबूत समर्थन मिल रहा है।
