संयुक्त राष्ट्र महासभा (यूएनजीए) में अपने संबोधन के दौरान रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने पश्चिमी देशों को अब तक की सबसे कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि रूस के खिलाफ किसी भी आक्रमण का निर्णायक और कठोर जवाब दिया जाएगा। उन्होंने नाटो और यूरोपीय संघ पर मास्को के खिलाफ वास्तविक युद्ध छेड़ने का आरोप लगाया।
लावरोव ने यह स्पष्ट किया कि रूस ने कभी भी नाटो देशों पर हमला करने की योजना नहीं बनाई और न ही भविष्य में ऐसी कोई योजना बना रहा है। लेकिन उन्होंने यह भी कहा कि यदि रूस पर हमला हुआ, तो उसका जवाब ऐसा होगा जो सभी को स्पष्ट रूप से समझ आ जाएगा। उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा, "नाटो और यूरोपीय संघ के किसी भी सदस्य को इस पर कोई संदेह नहीं होना चाहिए।"
यह बयान उस समय आया है जब नाटो के पूर्वी हिस्से में तनाव बढ़ता जा रहा है। हाल ही में एस्टोनिया ने रूसी सैन्य विमानों पर अपने हवाई क्षेत्र का उल्लंघन करने का आरोप लगाया है, वहीं नाटो बलों ने पोलैंड के ऊपर संदिग्ध ड्रोन को मार गिराया। इन घटनाओं के बाद अमेरिका ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में दोहराया कि वह "नाटो क्षेत्र के एक-एक इंच की रक्षा" करेगा।
यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमिर ज़ेलेंस्की ने भी महासभा को संबोधित किया और चेतावनी दी कि यदि रूस को रोका नहीं गया, तो यह स्थिति अब तक की सबसे विनाशकारी हथियारों की दौड़ को जन्म दे सकती है।
इस सबके बीच महासभा का मंच एक बार फिर वैश्विक भू-राजनीतिक तनावों और संभावित सैन्य टकराव के प्रति गहरी चिंता का केंद्र बन गया है।
