मेक्सिको इन दिनों भीषण प्राकृतिक आपदा से जूझ रहा है। देश के कई हिस्सों में भारी बारिश के बाद आई बाढ़ और भूस्खलन ने अब तक कम से कम 27 लोगों की जान ले ली है, जबकि हजारों लोग विस्थापित हो गए हैं।
गुरुवार और शुक्रवार को हुई मूसलधार बारिश के कारण नदियाँ उफान पर आ गईं, जिससे पूर्वी मेक्सिको के हिडाल्गो राज्य में सबसे ज़्यादा तबाही देखने को मिली। कई घर, वाहन और पुल बह गए, जबकि सैकड़ों मकान क्षतिग्रस्त या पूरी तरह नष्ट हो गए हैं। राजमार्ग मलबे से अवरुद्ध हो गए हैं और बिजली की आपूर्ति ठप हो चुकी है।
मेक्सिको की राष्ट्रपति क्लाउडिया शीनबाम ने कहा है कि सरकार ने 5,400 राहतकर्मियों को ज़मीनी स्तर पर तैनात किया है, जबकि 3,300 नौसैनिक भी बचाव एवं राहत कार्यों में मदद कर रहे हैं।
सरकारी रिपोर्ट के अनुसार, अकेले पुएब्ला राज्य में करीब 80,000 लोग इस आपदा से सीधे तौर पर प्रभावित हुए हैं।
वर्तमान में राहत एवं पुनर्वास कार्यों को प्राथमिकता दी जा रही है। अस्थायी शिविरों की स्थापना की जा रही है, और पीने के पानी, भोजन और दवाओं की आपूर्ति सुनिश्चित करने के प्रयास किए जा रहे हैं।
मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में और बारिश की चेतावनी दी है, जिससे स्थिति और बिगड़ने की आशंका बनी हुई है। प्रशासन लोगों से सतर्क रहने और सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील कर रहा है।
यह त्रासदी मेक्सिको के लिए एक और याद दिलाने वाली घटना है कि जलवायु परिवर्तन के प्रभाव कितने गंभीर और व्यापक हो सकते हैं, विशेषकर उन क्षेत्रों में जहाँ बुनियादी ढांचा पहले से ही कमजोर है।
