उत्तर कोरिया ने अपनी अब तक की सबसे उन्नत और शक्तिशाली अंतरमहाद्वीपीय बैलिस्टिक मिसाइल (ICBM) ‘ह्वासोंग-20’ का अनावरण कर वैश्विक स्तर पर चिंता बढ़ा दी है। यह प्रदर्शन राजधानी प्योंगयांग में एक विशेष सैन्य परेड के दौरान किया गया, जिसकी अध्यक्षता उत्तर कोरियाई नेता किम जोंग उन ने की।
इस परेड में रूस के सुरक्षा परिषद के उपाध्यक्ष दिमित्री मेदवेदेव सहित कई अंतरराष्ट्रीय मेहमान भी उपस्थित थे, जिससे इस कार्यक्रम का राजनयिक महत्व और भी बढ़ गया।
उत्तर कोरिया ने ह्वासोंग-20 को अपना “सबसे शक्तिशाली परमाणु सामरिक हथियार” बताया है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह मिसाइल अमेरिकी मुख्य भूमि तक मार करने में सक्षम हो सकती है, जिससे अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा समीकरणों में बड़ा बदलाव आ सकता है।
ह्वासोंग-20 की संभावित विशेषताएँ:
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लंबी दूरी तक मार करने की क्षमता (संभावित रेंज: 13,000+ किमी)
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परमाणु हथियार ले जाने में सक्षम
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उन्नत प्रोपल्शन सिस्टम और पुनः प्रवेश तकनीक
वैश्विक प्रतिक्रिया:
इस मिसाइल के अनावरण ने अमेरिका, दक्षिण कोरिया और जापान जैसे देशों में सुरक्षा चिंताओं को बढ़ा दिया है। यह कदम ऐसे समय पर आया है जब कोरियाई प्रायद्वीप में पहले से ही तनाव बढ़ा हुआ है, और उत्तर कोरिया संयुक्त राष्ट्र प्रतिबंधों के बावजूद लगातार मिसाइल परीक्षण कर रहा है।
ह्वासोंग-20 के प्रदर्शन को उत्तर कोरिया की रणनीतिक सैन्य क्षमताओं में एक नया और चिंताजनक अध्याय माना जा रहा है। यह न केवल प्रतिरोध का संकेत है, बल्कि उत्तर कोरिया की परमाणु नीति में आक्रामक रुख को भी दर्शाता है।
अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय—विशेषकर अमेरिका, संयुक्त राष्ट्र और चीन—इस नई चुनौती का कैसे जवाब देते हैं।
