शिकागो स्थित सातवें सर्किट की अमेरिकी अपीलीय अदालत ने ट्रंप प्रशासन के उस अनुरोध को खारिज कर दिया है, जिसमें इलिनोइस में नेशनल गार्ड की तत्काल तैनाती की अनुमति मांगी गई थी। यह निर्णय उस निचली अदालत के आदेश को आंशिक रूप से बरकरार रखता है जिसने शिकागो में सैनिकों की तैनाती पर रोक लगा दी थी।
इलिनोइस राज्य सरकार और शिकागो के अधिकारियों ने ट्रंप प्रशासन के खिलाफ मुकदमा दायर करते हुए यह तर्क दिया था कि यह कदम राज्य की संप्रभुता का उल्लंघन है और स्थानीय प्रशासन की स्वायत्तता में गंभीर हस्तक्षेप करता है।
पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया था कि अवैध आव्रजन और बढ़ते अपराध को काबू में रखने के लिए सैनिकों की तैनाती जरूरी है। इससे पहले उन्होंने लॉस एंजेल्स और वाशिंगटन डीसी में भी, वहां के महापौरों की आपत्ति के बावजूद, सैनिक तैनात किए थे।
ट्रंप प्रशासन की इस नीति को पहले भी कानूनी चुनौतियों का सामना करना पड़ा है। ओरेगन के एक संघीय न्यायाधीश ने उन्हें पोर्टलैंड में सैनिक भेजने से पहले ही रोक दिया था।
इस ताज़ा फैसले को संघीय बनाम राज्य अधिकारों के बीच संतुलन बनाए रखने के प्रयास के रूप में देखा जा रहा है, जो अमेरिका की संघीय व्यवस्था में एक अहम संवैधानिक मुद्दा है।
