यूरोपीय संघ ने आज से गैर-यूरोपीय संघ देशों के यात्रियों के लिए नई प्रवेश/निकास प्रणाली (EES) को लागू कर दिया है, जिसमें भारत भी शामिल है। इस नई प्रणाली के तहत, आइसलैंड, नॉर्वे, स्विट्ज़रलैंड और लिकटेंस्टीन सहित शेंगेन ज़ोन के देशों में प्रवेश के समय फिंगरप्रिंटिंग, चेहरे का स्कैन और पासपोर्ट स्कैनिंग अनिवार्य होगी। हालांकि, आयरलैंड और साइप्रस को इस प्रणाली से छूट दी गई है।
ईईएस का मुख्य उद्देश्य सुरक्षा को और मजबूत बनाना तथा मैन्युअल पासपोर्ट स्टैम्पिंग की जगह डिजिटल रिकॉर्डिंग प्रणाली को स्थापित करना है। इसके तहत यूके के डोवर, फोल्कस्टोन में स्थित यूरोटनल और यूरोस्टार जैसे प्रस्थान बिंदुओं पर यात्रियों की यूरोपीय संघ छोड़ने से पहले जांच की जाएगी।
यह प्रणाली चरणबद्ध तरीके से लागू की जा रही है और इससे यूरोप में यात्रियों के प्रवेश-निकास को अधिक प्रभावी और सुरक्षित बनाने की उम्मीद है।
