अफगान तालिबान ने सीमा पार से किए गए घातक हमलों की जिम्मेदारी स्वीकार की है, जिनमें 58 पाकिस्तानी सैनिक मारे गए। तालिबान ने इस हमले को पकटिका प्रांत में हुए एक नागरिक बाजार पर कथित पाकिस्तानी हवाई हमले के प्रतिशोध के रूप में बताया है।
तालिबान प्रवक्ता जबीहुल्लाह मुजाहिद ने बताया कि हमलों में कई सीमावर्ती ठिकानों को निशाना बनाया गया, जिसमें लगभग 30 पाकिस्तानी सैनिक घायल हुए। इस दौरान नौ तालिबान लड़ाके भी मारे गए और करीब 18 घायल हुए।
पिछले सप्ताह काबुल में हुए विस्फोटों और अफगान सीमा पर पाकिस्तान द्वारा कथित बमबारी के बाद दोनों देशों के बीच तनाव बढ़ गया है। पाकिस्तान अफगानिस्तान पर तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान के चरमपंथियों को आश्रय देने का आरोप लगाता है, जबकि तालिबान इस आरोप को खारिज करता है।
कुनार-कुर्रम क्षेत्र में दोनों पक्षों ने तोपखाने और छोटे हथियारों का उपयोग किया है। तोरखम और चमन जैसे मुख्य सीमा चौकियाँ बंद कर दी गई हैं, जिससे सैकड़ों ट्रक फंसे हुए हैं।
सऊदी अरब, कतर और अन्य क्षेत्रीय ताकतों ने दोनों देशों से संयम बनाए रखने और बातचीत के माध्यम से तनाव खत्म करने की अपील की है।
