नेपाल के सुप्रीम कोर्ट ने 9 सितंबर को हुई आगजनी की घटना के बाद पहली बार मंगलवार से रिट याचिकाओं का पंजीकरण फिर से शुरू कर दिया है। पहले ही दिन, प्रतिनिधि सभा (HoR) को भंग करने के खिलाफ सात से अधिक याचिकाएं दायर की गईं।
गौरतलब है कि जनरेशन ज़ेड (Gen-Z) द्वारा किए गए विरोध प्रदर्शनों के दौरान सुप्रीम कोर्ट भवन को भीषण क्षति पहुंची थी। इसके बाद अदालत ने हैबियस कॉर्पस, तत्काल याचिकाओं और आपात सुनवाइयों को छोड़कर सभी नियमित न्यायिक कार्यवाहियों को अस्थगित कर दिया था।
मुख्य भवन पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो जाने के कारण, अब सुप्रीम कोर्ट अस्थायी तंबू कोर्ट से कार्य कर रहा है, जहां से न्यायिक प्रक्रियाएं धीरे-धीरे पुनः शुरू की जा रही हैं।
यह कदम देश में संवैधानिक स्थिरता की दिशा में एक अहम प्रगति के रूप में देखा जा रहा है, खासकर उस समय जब राजनीतिक माहौल तनावपूर्ण बना हुआ है और संसद भंग करने जैसे फैसलों को न्यायिक चुनौती दी जा रही है।
