रूस की दो प्रमुख तेल कंपनियों — रोसनेफ्ट और लुकोइल — पर अमेरिका द्वारा लगाए गए नए प्रतिबंधों पर प्रतिक्रिया देते हुए, रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने कहा है कि इनका रूस की अर्थव्यवस्था पर कोई खास असर नहीं पड़ेगा। उन्होंने कहा कि ये प्रतिबंध मॉस्को पर दबाव बनाने का प्रयास हैं, लेकिन कोई भी स्वाभिमानी देश दबाव में आकर निर्णय नहीं लेता।
मीडिया को संबोधित करते हुए राष्ट्रपति पुतिन ने स्वीकार किया कि ये प्रतिबंध रूस के लिए गंभीर हैं और इनके कुछ परिणाम अवश्य होंगे, किंतु इनसे देश की समग्र आर्थिक स्थिति पर कोई महत्वपूर्ण प्रभाव नहीं पड़ेगा। उन्होंने यह भी कहा कि यह एक “अमित्र कदम” है जो रूस-अमेरिका संबंधों को मजबूत करने के बजाय कमजोर करता है, जबकि दोनों देशों के संबंध हाल ही में सुधार की दिशा में बढ़ रहे थे।
पुतिन ने बताया कि उन्होंने अपने अमेरिकी समकक्ष डोनाल्ड ट्रंप को पहले ही आगाह किया था कि ऐसे प्रतिबंध न केवल रूस, बल्कि अमेरिका और वैश्विक तेल बाजार को भी प्रभावित कर सकते हैं।
गौरतलब है कि अमेरिका ने बुधवार को रोसनेफ्ट और लुकोइल पर प्रतिबंध लगाए हैं — यह कदम राष्ट्रपति ट्रंप के सत्ता में लौटने के बाद रूस के खिलाफ लगाया गया पहला प्रतिबंध है।
