संयुक्त राष्ट्र ने चेतावनी दी है कि सूडान के उत्तरी दारफुर राज्य की राजधानी अल फशर के पतन के बाद स्थिति अत्यंत भयावह हो गई है और नागरिकों पर हमले लगातार जारी हैं।
संयुक्त राष्ट्र मानवीय मामलों के समन्वय कार्यालय (OCHA) ने बताया कि बड़ी संख्या में लोग लगभग 40 किलोमीटर दूर तवीला कस्बे की ओर पलायन कर रहे हैं, लेकिन अल फशर तक मानवीय पहुँच अब भी अवरुद्ध है।
तवीला में संयुक्त राष्ट्र और स्थानीय साझेदार नए विस्थापितों का पंजीकरण कर आपातकालीन सहायता प्रदान करने का प्रयास कर रहे हैं। हालांकि, आश्रय सामग्री, दवाओं, आघात देखभाल उपकरणों, खाद्य आपूर्ति और मानसिक स्वास्थ्य सहायता में गंभीर कमी बनी हुई है।
अंतर्राष्ट्रीय प्रवासन संगठन (IOM) के अनुसार, 26 से 29 अक्टूबर के बीच अल फशर और आसपास के क्षेत्रों से कम से कम 62,000 लोग विस्थापित हुए हैं। असुरक्षा के चलते राहत दलों की आवाजाही और आपूर्ति वितरण में गंभीर बाधाएँ आ रही हैं।
OCHA ने एक बार फिर नए और लचीले वित्तपोषण की अपील करते हुए कहा कि सूडान के लिए 4.2 अरब डॉलर की मानवीय प्रतिक्रिया योजना का अब तक एक-तिहाई से भी कम हिस्सा ही वित्तपोषित हुआ है, जिससे राहत कार्यों पर गंभीर असर पड़ रहा है।
