संयुक्त राष्ट्र और उसके सहयोगी तूफ़ान ‘मेलिसा’ के बाद जमैका, क्यूबा और हैती में राहत और पुनर्वास कार्यों के लिए तेज़ी से काम कर रहे हैं। संयुक्त राष्ट्र मानवीय मामलों के समन्वय कार्यालय (OCHA) ने बताया कि वह इन देशों की सरकारों के साथ मिलकर लाखों प्रभावित लोगों तक तत्काल सहायता पहुँचाने के प्रयासों में जुटा है।
संयुक्त राष्ट्र के मानवीय मामलों के अवर महासचिव और आपातकालीन राहत समन्वयक टॉम फ्लेचर ने कहा कि वर्तमान स्थिति में जीवनरक्षा के लिए अंतर्राष्ट्रीय सहयोग और सहायता अत्यावश्यक है।
क्यूबा में तूफ़ान ने गंभीर तबाही मचाई है, विशेष रूप से सैंटियागो और होल्गुइन जैसे पूर्वी प्रांतों में। सैकड़ों समुदाय अभी भी सड़कों, रेलमार्गों और हवाई अड्डों के अवरुद्ध होने के कारण संपर्क से कटे हुए हैं। OCHA ने बताया कि संयुक्त राष्ट्र एक कार्य योजना तैयार कर रहा है ताकि राहत कार्यों को समन्वित तरीके से आगे बढ़ाया जा सके। इस प्रयास के तहत देश में संयुक्त राष्ट्र की टीम तैनात की गई है और लैटिन अमेरिका एवं कैरिबियन क्षेत्रीय कार्यालय से अतिरिक्त समर्थन मिल रहा है।
जमैका में, संयुक्त राष्ट्र राष्ट्रीय प्रतिक्रिया दलों की सहायता कर रहा है, जो प्रभावित क्षेत्रों में जाकर लोगों की ज़रूरतों का त्वरित आकलन कर रहे हैं। वहीं हैती, जो पहले से ही राजनीतिक अस्थिरता और हिंसा से जूझ रहा है, में मानवीय दल स्थानीय प्रशासन के साथ मिलकर अस्थायी आश्रय, भोजन, आवश्यक वस्तुएँ और नकद सहायता जैसी ज़रूरी मदद पहुँचा रहे हैं।
