देहरादून, 29 नवंबर । रोशनी के पर्व दीपावली के दिन सिलक्यारा की सुरंग के अंधेरे में कैद हुए 41 कर्मवीर अब खुली हवा में सांस ले रहे हैं। देश का सबसे लंबा सिलक्यारा टनल अभियान सफल हो चुका है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के तालमेल के चलते 17 दिन तक चलने वाले इस अभियान की परिणति सुखद रही है। उत्तराखंड की सत्ता पर भाजपा के काबिज होने से पहले प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने डबल इंजन सरकार के जिस फायदे को गिनाया था, वह सिलक्यारा टनल आपदा के दौरान सही साबित हुआ। डबल इंजन इस अभियान में खरा उतरा है। केंद्र-राज्य सरकार के बेहतर तालमेल को सुरंग में फंसे मजदूरों और उन्हें निकालने में जुटे हर व्यक्ति के संयम और संघर्षशीलता ने परवान चढ़ाया।
चार धामयात्रा परियोजना के निर्माण के दौरान उत्तरकाशी की सिलक्यारा टनल में आई आपदा न सिर्फ 41 जिंदगियों पर संकट खड़ा कर दिया था, बल्कि केंद्र और राज्य सरकार भी भारी दबाव में आ गई थी। चारधाम यात्रा परियोजना केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी परियोजना है। अनहोनी होने के बाद स्थिति को जिस तरह से केंद्र और राज्य सरकार ने मिलकर संभाला, उसने लोगों के बीच भरोसा स्थापित किया है। हालांकि यह बात अलग है कि उत्तराखंड जैसे संवेदनशील राज्य में तमाम परियोजनाओं को मूर्त रूप देते वक्त संभावित आपदा को लेकर हमारी सतर्कता में अब भी कमी रह जा रही है।
इन स्थितियों के बीच, इस बात में कोई शक नहीं कि इस आपदा से निबटने के लिए केंद्र और राज्य सरकार ने अपने पूरे संसाधन, अपनी पूरी ताकत झोंकने में देरी नहीं लगाई। वो भी उन स्थितियों के बीच, जबकि उम्मीदों की डोर कई बार टूटने लगी थी। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने जिस तरह से पूरी तत्परता से इस मामले की मॉनीटरिंग की, अपने मंत्रियों, अधिकारियों और तमाम एजेंसियों को सक्रिय किया, उसने मोदी सरकार के नंबर ही बढ़ाए हैं। बड़ा श्रेय, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को भी जाता है, जिन्होंने दिन-रात मेहनत की। हालांकि विपक्ष ने आपदा के वक्त उनके चुनाव प्रचार के लिए राज्य से बाहर जाने पर सवाल भी उठाए, लेकिन इस पूरे अभियान के मुकाम तक पहुंचाने के लिए वे जिस तरह से जुटे, उसने विरोधियों को चुप करा दिया। सुरंग में फंसे मजदूरों से लगातार और सीधा संवाद, साथ ही उनके बाहर आने पर गर्मजोशी से अभिनंदन करके धामी ने सभी का दिल जीत लिया।
हालांकि विपक्ष इस बात को नहीं मानता कि तमाम एजेंसियों में बेहतर तालमेल रहा। कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष करन माहरा का कहना है कि अभियान के लंबा खिंचने की वजह ही एजेंसियों के बीच तालमेल की कमी रही। दूसरी तरफ, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का कहना है कि यह तमाम एजेंसियों के बीच शानदार तालमेल का नतीजा है कि इतनी बड़ी आपदा में श्रमिकों को सुरक्षित बचा लिया गया है।
