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विधि आयोग ने समान नागरिक संहिता के बारे में मांगे सुझाव

Date : 14-Jun-2023

 नई दिल्ली, 14 जून। विधि आयोग ने समान नागरिक संहिता के बारे में जनता और मान्यता प्राप्त धार्मिक संगठनों से अपने विचार साझा करने का अनुरोध किया है।

विधि एवं न्याय मंत्रालय की ओर से भेजे गए एक संदर्भ के संबंध में 22वां विधि आयोग अन्य बातों के साथ-साथ समान नागरिक संहिता की जांच कर रहा है। इच्छुक व्यक्ति व संस्था 30 दिनों की अवधि के भीतर ऑनलाइन और ईमेल के जरिए अपने सुझाव दे सकते हैं।

उल्लेखनीय है कि लगातार मांग उठती आई है कि भारत में रहने वाले हर नागरिक के लिए एक समान कानून होना चाहिए। वह चाहे किसी भी धर्म या जाति का क्यों न हो। समान नागरिक संहिता में शादी, तलाक और जमीन-जायदाद के बंटवारे में सभी धर्मों के लिए एक ही कानून का प्रावधान होगा।

इससे पहले 21वें विधि आयोग ने समान नागरिक संहिता के विषय की जांच की थी और एक प्रश्नावली के साथ अपनी अपील के माध्यम से हितधारकों के विचार मांगे थे। विषय की प्रासंगिकता और महत्व और इस विषय पर विभिन्न न्यायालय के आदेशों को भी ध्यान में रखते हुए 22वें विधि आयोग ने विषय पर नए सिरे से विचार-विमर्श करना समीचीन समझा।


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