नई दिल्ली, 29 जून । केंद्रीय सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन (एमओएसपीआई) मंत्रालय के राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) राव इंद्रजीत सिंह ने गुरुवार को कहा कि सूचनात्मक नीति-निर्माण में सांख्यिकी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत सिंह ने 17वें ‘सांख्यिकी दिवस’ के मौके पर ‘सतत विकास लक्ष्यों (एसडीजी) की निगरानी के लिए राज्य स्तरीय संकेतक ढांचे का राष्ट्रीय संकेतक ढांचे के अनुरूप संरेखण’ विषय पर स्कोप कन्वेंशन सेंटर, लोधी रोड में आयोजित कार्यक्रम को बतौर मुख्य अतिथि संबोधित किया। उल्लेखनीय है कि सांख्यिकी और आर्थिक नियोजन के क्षेत्र में (दिवंगत) प्रोफेसर प्रशांत चंद्र महालनोबिस द्वारा किए गए उल्लेखनीय योगदान की मान्यता में भारत सरकार 2007 से हर साल उनकी जयंती, 29 जून को ‘सांख्यिकी दिवस’ के रूप में मना रही है।
राव ने कहा, “यह दिन हमें सूचनात्मक नीति-निर्माण के साक्ष्य के रूप में सांख्यिकी के महत्व और भारत की सांख्यिकीय क्षमता को मजबूत करने में सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय (एमओएसपीआई) द्वारा निभाई गई भूमिका को पहचानने का अवसर प्रदान करता है।”
उन्होंने कहा कि साक्ष्य-आधारित निर्णय लेने की सुविधा के लिए गुणवत्ता और समय पर डेटा के महत्व पर जोर देने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि यह सतत विकास लक्ष्यों की प्रगति की निगरानी के संदर्भ में डेटा की उपलब्धता के लिए भी मान्य है।
इसके अलावा राव ने उम्मीद जताई कि एमओएसपीआई सभी हितधारकों के साथ मिलकर डेटा-संचालित नीति-निर्माण को सुविधाजनक बनाने की दिशा में काम करना जारी रखेगा और अन्य प्रासंगिक क्षेत्रों में सांख्यिकीय अनुसंधान और विकास गतिविधियों का नेतृत्व भी करेगा।
कार्यक्रम के दौरान सतत विकास लक्ष्य-राष्ट्रीय संकेतक ढांचा, प्रगति रिपोर्ट, 2023 जारी की गई। रिपोर्ट के साथ, सतत विकास लक्ष्य-राष्ट्रीय संकेतक फ्रेमवर्क, 2023 और सतत विकास लक्ष्य-राष्ट्रीय संकेतक फ्रेमवर्क, 2023 पर डेटा स्नैपशॉट भी जारी किया गया। रिपोर्ट में एक्सेल फ़ाइल में एमओएसपीआई की वेबसाइट से लक्ष्यवार डेटा डाउनलोड करने का प्रावधान है।
कार्यक्रम के दौरान 'ऑन द स्पॉट निबंध लेखन प्रतियोगिता, 2023' के विजेताओं को भी सम्मानित किया गया।
