विदेश मंत्री डॉक्टर सुब्रह्मण्यम जयशंकर ने कहा है कि भारत अब विश्व समुदाय के साथ अधिक मुखर होकर और राष्ट्रीय हितों के अनुरूप कार्य कर रहा है। आकाशवाणी से विशेष बातचीत में उन्होंने कहा कि पहले, विचारधारा के कारणों से देश के हितों की अनदेख की जाती थी। डॉ. जयशंकर ने कहा कि उस दौर में हमारी क्षमताएं सीमित थीं, लेकिन हम सारे फैसले भी राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखकर नहीं ले पाते थे। इसके कारण, कई बार हमें वह लाभ नहीं मिला, जो मिलना चाहिए। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि नरेन्द्र मोदी सरकार राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखकर ही विश्व समुदाय के साथ मिलकर काम कर रही है।
डॉ. जयशंकर ने कहा कि गुटनिरपेक्षता का ऐतिहासिक महत्व रहा है। उन्होंने कहा कि सीमित क्षमताओं के दौर में गुटनिरपेक्षता ही भारत की स्वतंत्रता की अभिव्यक्ति थी।
डॉ. जयशंकर ने कहा कि भारत आतंकवाद के सख्त खिलाफ है और अब यह भारत की विदेश नीति का केंद्रीय-तत्व है। उन्होंने कहा कि आतंकवाद को किसी भी हाल में बर्दाश्त न करने की भारत की नीति से अब दुनिया परिचित है।
आकाशवाणी से डॉ. जयशंकर का यह विशेष साक्षात्कार आज रात सवा नौ बजे एफ. एम. गोल्ड और अतिरिक्त मीटरों पर प्रसारित होगा।
