प्रधानमंत्री ने गोरखपुर में गीता प्रेस के शताब्दी वर्ष के समापन समारोह को किया सम्बोधित
प्रधानमंत्री ने गोरखपुर में गीता प्रेस के शताब्दी वर्ष के समापन समारोह को सम्बोधित किया। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार विकास और विरासत को साथ लेकर चल रही है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि जहां आज एक ओर बुनियादी ढांचे की विशाल परियोजनाओं पर कार्य हो रहा है, वहीं केदारनाथ और महाकाल जैसे तीर्थों को और भव्य बनाया जा रहा है। श्री मोदी ने कहा कि सदियों बाद अयोध्या में भव्य राम मंदिर निर्माण का सपना भी पूरा होने जा रहा है। प्रधानमंत्री ने कहा कि आज एक ओर भारत टेक्नोलाॅजी में नये कीर्तिमान बना रहा है, तो दूसरी ओर सदियों बाद काशी में विश्वनाथ धाम का दिव्य स्वरूप हमारे समक्ष प्रस्तुत हुआ है।
गीता प्रेस के बारे में श्री मोदी ने कहा कि यह एक ऐसा संस्थान है, जिसने हमेशा सामाजिक मूल्यों को समृद्ध किया है और लोगों को कर्तव्य पथ का रास्ता दिखाया है। प्रधानमंत्री ने कहा कि गीता प्रेस का एक राष्ट्रीय चरित्र भी है। गीता प्रेस भारत को जोड़ती है और देश की एकजुटता को सशक्त करती है।
साथियों गीता प्रेस विश्व का ऐसा इकलौता प्रिंटिंग प्रेस है जो सिर्फ एक संस्था नहीं है बल्कि एक जीवन्त आस्था है। गीता प्रेस का कार्यालय करोड़ों-करोड़ लोगों के लिए, किसी से किसी भी मंदिर से जरा भी कम नहीं, इसके नाम में भी गीता है और इसके काम में भी गीता है। 1923 में गीता प्रेस के रूप में यहां जो आध्यात्मिक ज्योति प्रज्ज्वलित हुई, आज उसका प्रकाश पूरी मानवता का मार्गदर्शन कर रहा है। हमारा सौभाग्य है कि हम सभी इस मानवीय मिशन की शताब्दी के साक्षी बन रहे हैं।
गीता प्रेस को वर्ष 2021 का गांधी शांति पुरस्कार दिये जाने पर श्री मोदी ने कहा कि ये गीता प्रेस की 100 वर्षो की विरासत का सम्मान है। प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि गीता प्रेस से महात्मा गांधी का भावनात्मक जुड़ाव था और वे कल्याण पत्रिका के माध्यम से गीता प्रेस के लिये लेख लिखा करते थे।
प्रधानमंत्री ने इस अवसर पर चित्रमय शिवपुराण ग्रंथ और शिव महापुराण के नेपाली संस्करण का विमोचन किया। श्री मोदी ने गीता परिसर स्थित लीला चित्र मंदिर का अवलोकन भी किया।
गीता प्रेस में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में पिछले 9 वर्षो में भारत की आस्था और विरासत को सम्मान देने का कार्य किया गया है। उन्होंने कहा कि आज वैश्विक स्तर पर भारत की प्रतिष्ठा बढ़ी है। श्री योगी ने कहा कि प्रधानमंत्री ने योग को वैश्विक स्तर पर पहचान दिलाई है। उन्होंने कहा कि वाराणसी में काशी विश्वनाथ धाम के लोकार्पण के बाद से काशी आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या में भारी वृद्धि हुई है। गीता प्रेस को शताब्दी वर्ष की बधाई देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि गीता प्रेस दशकों से भारत की मूल आत्मा को जागृत करने का कार्य करता रहा है। उन्होंने कहा कि गीता प्रेस को वर्ष 2021 का गांधी शांति पुरस्कार दिया जाना न केवल गीता प्रेस बल्कि भारत की हर धरोहर को मिला सम्मान है।
