इसराइल के विदेश मंत्री ऐली कोहेन और हमास द्वारा बंधक बनाए गए लोगों के देशों के 22 राजदूतों तथा राजनयिकों ने बैठक कर इन लोगों को तुरन्त रिहा करने का आह्वान किया है। उन्होंने अपहृत लोगों की स्थिति की पुष्टि के लिए अंतर्राष्ट्रीय रेड-क्रोस को जाने की अनुमति देने की भी मांग की है।
श्री कोहेन ने कहा कि अपहृत लोगों को छुडाना इसरायल की सबसे पहली प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि हमास के अपराध अक्षमय है और बच्चों, महिलाओं सहित आम नागरिकों को बंधक बनाना हर अंतर्राष्ट्रीय कानून तथा हर मानवीय मूल्यों के विरूद्ध है।
श्री कोहेन ने देशों से सभी अपहृत नागरिकों को छुड़ाने के लिए हमास पर अंतर्राष्ट्रीय दबाव बनाने को कहा है। बैठक में पेरू, तंजानिया, रूस, रोमानिया, पुर्तगाल, अर्जेटीना, फिलीपींस, जॉर्जिया, श्रीलंका, फ्रांस, मैक्सिको, डेनमार्क, हंगरी, ऑस्ट्रिया, इथियोपिया, सर्बिया, कोलंबिया, इटली, थाईलैंड, कनाडा, नीदरलैंड्स, पौलेंड और यूरोपीय संघ के राजदूतों ने भाग लिया।
