तेहरान (ईरान), 28 जनवरी । ईरान में कई हफ्तों के घमासान के बाद काफी हद तक जिंदगी पटरी पर लौट आई है। हजारों नागरिकों के मारे जाने के बाद मंगलवार को राजधानी तेहरान में जनजीवन पूरी तरह से सामान्य दिखा, लेकिन इस माहौल में एक बेचैनी दिखी। तेहरान के बहुत से लोग इस्लामिक गणराज्य और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की सैन्य कार्रवाई की धमकियों के बीच फंसा हुआ महसूस कर रहे हैं।
सीएनएन ने तेहरान पर केंद्रित एक रिपोर्ट में स्थानीय नागरिकों में गम और गुस्से की उठ रही टीस के आधार पर यह आकलन किया है। इसमें यह भी जिक्र है कि ट्रंप की चेतावनी के बाद अमेरिका के शक्तिशाली युद्धपोत यूएसएस अब्राहम लिंकन ने ईरान को आसानी से निशाना बनाने वाले स्थान पर पहुंच गया है। उसे सिर्फ इशारा मिलने का इंतजार है।
तेहरान ने इसके जवाब में राजधानी के एंघेलाब यानी क्रांति स्क्वायर में एक ऊंचा पोस्टर लगाया है। इसमें एक अमेरिकी एयरक्राफ्ट कैरियर को तबाह करने की धमकी दी गई है। पोस्टर पर अंग्रेजी और फारसी में चेतावनी लिखी है, "अगर तुम हवा बोओगे, तो बवंडर काटोगे।" इसके साथ ही एयरक्राफ्ट कैरियर के डेक की एक तस्वीर है, जिस पर लाशें बिखरी हुई हैं और खून के धब्बे हैं जो पानी में फैलकर अमेरिकी झंडे की धारियों जैसा आकार बना रहे हैं।
क्रांति स्क्वायर से कुछ दूर एक दूसरे सरकारी पोस्टर में 2016 में अमेरिकी नेवी की एक नाव को पकड़े जाने को दिखाया गया है। इसमें अमेरिकी मरीन के क्रू मेंबर आत्मसमर्पण करते हुए घुटनों के बल बैठे हैं और उनके हाथ सिर के पीछे बंधे हुए हैं। रिपोर्ट में कहा गया है कि इस हफ्ते के आंखों देखा हाल में तेहरान की जिंदगी की एक सीमित झलक मिली। कुछ ही दिन पहले खूनी टकराव से हिल चुके लोग सड़कों पर मिले। बातचीत की। वह पक्का नहीं कह पा रहे हैं कि ईरान उनके लिए बड़ा खतरा है या अमेरिका।
तेहरान में रहने वाले मेहदी अकबरी का मानना है कि ट्रंप में हमला करने की हिम्मत नहीं है। वह सिर्फ धमकी दे रहे हैं। ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड के कमांडर ने चेतावनी दी है कि उनकी सेना पूरी तरह जवाब देने के लिए और अधिक मजबूती के साथ तैयार है। ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बगाई ने पत्रकारों से कहा कि तेहरान अमेरिका की किसी भी आक्रामकता का जवाब देने में पूरी तरह सक्षम है। कमांडर ने कहा कि अमेरिका के हमले से इस इलाके में वॉशिंगटन के सहयोगियों पर हमले होंगे।
यह स्थिति ईरान के लोगों को बेचैन करती है। बहुत से लोग पिछले साल के आखिर और इस साल के शुरुआत में मारे गए प्रदर्शनकारियों के शोक से अब तक उबर नहीं पाए हैं। आर्थिक हालात और खराब हो गए हैं। ईरानी मुद्रा रियाल अब तक के सबसे निचले स्तर पर आ गई है।
कई ईरानी करेंसी ट्रैकिंग वेबसाइट्स के अनुसार मंगलवार को यह 1,500,000 रियाल प्रति अमेरिकी डॉलर पर गिर गई। ईरानियों के सामने आने वाली चुनौतियों का असली दौर अब शुरू होने वाला है। इंटरनेट सेवा बहाल होने लगी है। वह देश-दुनिया और अपने आसपास घट रहे सुख-दुख को महसूस कर पा रहे हैं।
