काठमांडू, 10 मार्च । संसदीय चुनावों की मतगणना अंतिम चरण में पहुंचने के साथ ही नवनिर्वाचित प्रतिनिधि सभा सदस्यों के शपथ ग्रहण समारोह की तैयारियां शुरू हो गई हैं।
संवैधानिक प्रावधानों के अनुसार चुनाव के अंतिम परिणाम आधिकारिक रूप से घोषित होने के 30 दिनों के भीतर संघीय संसद का अधिवेशन बुलाना अनिवार्य है। संसद का अधिवेशन शुरू होने से पहले नवनिर्वाचित सांसदों का शपथ ग्रहण कराया जाएगा। प्रक्रिया के अनुसार सबसे वरिष्ठ सांसद सबसे पहले राष्ट्रपति से पद एवं गोपनीयता की शपथ लेंगे और उसके बाद वही अन्य सांसदों को शपथ दिलाएंगे।
वर्तमान में संसद की बैठक आयोजित करने के लिए कोई स्थायी भवन उपलब्ध नहीं है। यह स्थिति उस समय उत्पन्न हुई, जब ‘जेन-जी आंदोलन’ के दौरान आग लगने से संसद भवन क्षतिग्रस्त हो गया, जिसके कारण नियमित बैठकों के लिए वैकल्पिक स्थान की व्यवस्था करनी पड़ी। आगामी संसद की बैठक और शपथ ग्रहण समारोह आयोजित करने के लिए स्थायी संसद भवन अभी तक पूरी तरह तैयार नहीं हो पाया है, इसलिए अस्थायी समाधान के रूप में सिंहदरबार परिसर में निर्माणाधीन नए संसद भवन के अंदर बने बहुउद्देश्यीय हॉल का उपयोग करने की तैयारी की जा रही है।
संघीय संसद सचिवालय के प्रवक्ता एकराम गिरी के अनुसार हॉल का निर्माण अंतिम चरण में है और इसे कुछ ही हफ्तों के भीतर पूरा किए जाने की उम्मीद है। इस बीच, संघीय संसद सचिवालय नवनिर्वाचित सांसदों की क्षमता बढ़ाने के लिए दो दिन का ओरिएंटेशन कार्यक्रम आयोजित करने की भी योजना बना रहा है। प्रवक्ता गिरी ने बताया कि इस प्रशिक्षण में मुख्य रूप से विधायी प्रक्रिया और संसद में प्रश्न उठाने की प्रक्रिया जैसे व्यावहारिक विषयों पर ध्यान दिया जाएगा।
