अब नेपाल में सड़क मार्ग से प्रवेश करने पर पहचान पत्र दिखाना अनिवार्य | The Voice TV

Quote :

“स्वयं जैसे हो वैसे ही रहो; बाकी सब तो पहले से ही कोई और बन चुके हैं।” ― ऑस्कर वाइल्ड

International

अब नेपाल में सड़क मार्ग से प्रवेश करने पर पहचान पत्र दिखाना अनिवार्य

Date : 10-May-2026

 काठमांडू, 10 मई । भारत-नेपाल सीमा नाका पर सुरक्षा निगरानी अचानक बढ़ा दी गई है। साथ ही भारत से नेपाल में प्रवेश करने वालों के लिए पहचान पत्र दिखाना अनिवार्य कर दिया गया है। राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद की बैठक ने सीमा क्षेत्र में अवैध घुसपैठ और आपराधिक गतिविधियों को नियंत्रित करने के उद्देश्य से यह निर्णय लिया है।

भारत के पश्चिम बंगाल में भाजपा की सरकार बनने के बाद वहां अवैध रूप से रह रहे रोहिंग्या और बांग्लादेशी नागरिकों के नेपाल में प्रवेश करने की संभावना के मद्देनजर घुसपैठ रोकने के लिए सुरक्षा परिषद ने यह निर्णय लिया है।

हालांकि गृह मंत्रालय की प्रवक्ता रमा आचार्य ने कहा कि यह निर्णय पूरी तरह नेपाल की सुरक्षा सतर्कता के तहत लिया गया है। उन्होंने कहा, “यह दोनों देशों के बीच वार्ता के बाद लिया गया फैसला नहीं है। नेपाल की सीमा पर सुरक्षा कड़ी करने और अवैध घुसपैठ की आशंका को देखते हुए जांच बढ़ाने के उद्देश्य से यह कदम उठाया गया है।”

नेपाल के सुरक्षा बलों और प्रशासन को आशंका है कि पश्चिम बंगाल में भारतीय जनता पार्टी की सरकार बनने के बाद वहां से रोहिंग्या और बांग्लादेशी मुसलमान नेपाल में प्रवेश करने की कोशिश कर सकते हैं।नेपाल के इंटेलिजेंस विभाग को लगातार यह इनपुट मिल रहा है कि भाजपा सरकार बनने के बाद रोहिंग्या मुसलमानों का विस्थापन बढ़ सकता है। इसी के मध्यनजर नेपाल पक्ष सतर्कता बढ़ा रहा है।

नेपाल पुलिस के स्पेशल सेल के एक अधिकारी ने कहा, “पश्चिम बंगाल में भाजपा की सरकार बनने के बाद वहां अफरा-तफरी जैसी स्थिति बताई जा रही है। भारतीय मीडिया में ऐसे वीडियो दिखाए जा रहे हैं, जिनमें मुस्लिम समुदाय के लोग सिर पर सामान लेकर भागते नजर आ रहे हैं। यह कितना सही है, यह स्पष्ट नहीं है, लेकिन खबरें लगातार आ रही हैं।”

प्रशासन को आशंका है कि पश्चिम बंगाल के कोलकाता और हावड़ा से बिहार के जोगबनी आने वाली रेल सेवाओं के जरिए रोहिंग्या नेपाल में प्रवेश कर सकते हैं। नेपाल के गृह मंत्रालय ने भारत से लगी सभी सीमाओं पर सतर्कता बढ़ा दी है और नेपाल प्रवेश करने वाले प्रत्येक नागरिक से अनिवार्य रूप से फोटो परिचय पत्र देख कर ही प्रवेश की अनुमति दी जा रही है। नेपाल और बंगाल तथा उससे सटे बिहार की सीमा से आने वाले लोगों पर विशेष निगरानी रखी जा रही है।

हालांकि प्रशासन ने इसे कूटनीतिक मुद्दे के बजाय आंतरिक सुरक्षा रणनीति का हिस्सा बताया है। रेल आने के समय विशेष निगरानी बढ़ाने की योजना बनाई गई है। एक साथ 500 से 1,000 लोगों के आने की स्थिति में विशेष रूप से पहचान पत्र जांच की व्यवस्था की गई है।

इसके अलावा सीमा पर अवैध घुसपैठ रोकने के लिए प्रशिक्षित कुत्तों का भी इस्तेमाल किया जा रहा है। प्रशासन का कहना है कि इस अभियान का एक अन्य उद्देश्य फरार कैदियों की आवाजाही रोकना भी है। नेपाल के गृह प्रशासन के अनुसार, “नेपाल के लगभग 500 फरार कैदी भारत की ओर गए हुए हैं। उनके आने-जाने की आशंका को देखते हुए भी सुरक्षा निगरानी बढ़ाई गई है।”


RELATED POST

Leave a reply
Click to reload image
Click on the image to reload
Advertisement









Advertisement