अमेरिकी प्रतिनिधि सभा ने राष्ट्रपति ट्रंप के ईरान के साथ युद्ध अधिकार पर रोक लगाई | The Voice TV

Quote :

"जिस व्यक्ति ने कभी कोई गलती नहीं की, उसने कभी कुछ नया करने की कोशिश नहीं की।" — अल्बर्ट आइंस्टीन

International

अमेरिकी प्रतिनिधि सभा ने राष्ट्रपति ट्रंप के ईरान के साथ युद्ध अधिकार पर रोक लगाई

Date : 04-Jun-2026

 वाशिंगटन, 04 जून । अमेरिकी कांग्रेस के निचले सदन 'प्रतिनिधि सभा' ( हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव) ने बुधवार को 215-208 वोटों से एक समवर्ती प्रस्ताव पारित करके राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के ईरान के साथ युद्ध करने के अधिकारों पर रोक लगा दी। महत्वपूर्ण यह है कि डेमोक्रेट्स के इस प्रस्ताव का चार रिपब्लिकन ओहियो के प्रतिनिधि वॉरेन डेविडसन, पेंसिल्वेनिया के ब्रायन फिट्ज़पैट्रिक, मिशिगन के टॉम बैरेट और केंटकी के थॉमस मैसी ने समर्थन किया।

एबीसी न्यूज की रिपोर्ट के अनुसार, इस प्रस्ताव में कहा गया है कि राष्ट्रपति ट्रंप को ईरान या उसकी सेना या सरकार के किसी भी हिस्से के खिलाफ शत्रुतापूर्ण कार्रवाई में अमेरिकी सशस्त्र बलों का इस्तेमाल तब तक बंद कर देना चाहिए, जब तक कि युद्ध की घोषणा या बल प्रयोग का अधिकार देने वाला कानून पारित न हो जाए। प्रतिनिधि सभा से पारित यह प्रस्ताव अब सीनेट में जाएगा। सीनेट भले ही इसका समर्थन कर दे, लेकिन एक समवर्ती प्रस्ताव में कानून जितना वजन नहीं होता और इसे राष्ट्रपति के सामने पेश नहीं किया जाता, न ही इस पर राष्ट्रपति के वीटो का अधिकार लागू होता है।

मतदान के बाद हाउस की विदेश मामलों की समिति के वरिष्ठ डेमोक्रेट ग्रेगरी मीक्स ने पत्रकारों से कहा, "कांग्रेस ने आज संविधान का पालन किया है। डेमोक्रेट्स और रिपब्लिकन दोनों ने कहा कि अब बहुत हो चुका। अब इस युद्ध को खत्म करने का समय आ गया है। अब राष्ट्रपति को अमेरिकी लोगों को यह बताने का समय आ गया है कि हम इस युद्ध में क्यों शामिल हुए।"

युद्ध शुरू होने के बाद से यह चौथी बार है जब हाउस में डेमोक्रेट्स के नेतृत्व वाले ईरान युद्ध अधिकार प्रस्ताव पर मतदान हुआ। वोटिंग से पहले स्पीकर माइक जॉनसन ने कहा, "मुझे लगता है कि इस समय प्रशासन और कमांडर-इन-चीफ से बातचीत करने का अधिकार छीन लेना एक बहुत ही खतरनाक कदम होगा।" व्हाइट हाउस के एक अधिकारी ने कहा कि यह प्रस्ताव छह रिपब्लिकन सदस्यों की अनुपस्थिति के कारण पारित हुआ है। इस अधिकारी ने कहा, "राष्ट्रपति ट्रंप कमांडर-इन-चीफ के तौर पर अपने संवैधानिक अधिकारों का इस्तेमाल करते हुए हमारी राष्ट्रीय सुरक्षा की रक्षा करना जारी रखेंगे, और साथ ही कांग्रेस के प्रति पूरी तरह पारदर्शी भी रहेंगे।"


RELATED POST

Leave a reply
Click to reload image
Click on the image to reload
Advertisement









Advertisement