11 जून । विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने बुल्गारिया की यात्रा के दौरान कहा कि भारत और बुल्गारिया के बीच पुराने एवं अच्छे संबंधों को अब एक आधुनिक और आगे की सोच वाली साझेदारी में बदलने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि दोनों पक्षों का राजनीतिक नजरिया एक जैसा है।
बुल्गारिया की विदेश मंत्री वेलीस्लावा पेट्रोवा के साथ द्विपक्षीय बैठक के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए डॉ. एस. जयशंकर ने कहा, “हमारे रिश्ते बहुत पुराने और अच्छे हैं। अब हमारा काम इन्हें एक आधुनिक और भविष्योन्मुखी संबंध में बदलना है।”
राजनीतिक सोच में समानता
विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने बताया कि दोनों देशों के बीच राजनीतिक नजरिया काफी हद तक एक जैसा है।
बैठक में तीन प्रमुख मुद्दों पर चर्चा हुई:
– भारत-बुल्गारिया द्विपक्षीय सहयोग
– भारत-यूरोपीय संघ साझेदारी
– वैश्विक मुद्दों पर दोनों देश मिलकर क्या कर सकते हैं
प्रधानमंत्री से भी मुलाकात
इस दौरान विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने बुल्गारिया के राष्ट्रपति रुमेन रादेव से भी मुलाकात की और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से शुभकामनाएं दीं।
वैश्विक मुद्दों पर भारत का रुख
विदेश मंत्री ने कहा कि मौजूदा समय में दुनिया अस्थिर और अनिश्चित दौर से गुजर रही है। ऐसे में संघर्षों का समाधान युद्ध से नहीं, बल्कि बातचीत और कूटनीति से ही होना चाहिए। उन्होंने आर्थिक सुरक्षा, सप्लाई चेन की मजबूती, समुद्री व्यापार की सुरक्षा और स्वास्थ्य सुरक्षा जैसे मुद्दों पर जोर दिया।
डॉ. एस. जयशंकर ने ग्लोबल साउथ की चिंताओं— ऊर्जा, खाद्य और उर्वरक सुरक्षा पर भारत के निरंतर प्रयासों का जिक्र किया।
आतंकवाद पर जीरो टॉलरेंस
विदेश मंत्री ने आतंकवाद के मुद्दे पर सख्त रुख अपनाते हुए कहा कि पूरी दुनिया को आतंकवाद के प्रति ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति अपनानी चाहिए। उन्होंने कहा कि इस मुद्दे समेत कई वैश्विक विषयों पर भारत और बुल्गारिया की सोच काफी हद तक एक जैसी है।
डॉ. एस. जयशंकर की यह यात्रा भारत और बुल्गारिया के बीच संबंधों को नई गति देने और यूरोपीय संघ के साथ साझेदारी को और मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
