जोशीमठ,11 जनवरी (हि.स.)। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री की सचिव ने कहा कि भू धसाव प्रभावित क्षेत्र में दो असुरक्षित होटलों को डिस्मेंटल किया जाना बेहद जरूरी है। सीबीआरआई रुड़की की टीम की मॉनिटरिंग में डिस्मेंटल करने की कार्रवाई होगी।
सचिव सीएम आर मीनाक्षी सुन्दरम ने यहां नगर पालिका सभागार में पत्रकारों को ब्रीफ कर रही थीं। उन्होंने बताया कि जोशीमठ भू धसाव प्रभावितों के साथ हुई बैठक में स्पष्ट किया गया है कि जो भी मुआवजा राशि दी जाएगी, वह प्रभावितों के साथ बातचीत के बाद ही तय की जाएगी।
सचिव मुख्यमंत्री मीनाक्षी ने बताया कि मारवाड़ी में जो पानी का रिसाव तेजी से हो रहा था, उसमें कुछ कमी दिख रही है और कई स्थानों पर भू धसाव भी स्टेबल है। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री स्तर से प्रभावित परिवारों के लिए एक-एक लाख रुपये की धनराशि स्वीकृत की गई है। इनमें 50 हजार की राशि घर के सामानों को शिफ्ट करने के लिए और एक लाख की राशि जो अभी दी जाएगी, उसे बाद में दी जाने वाली राशि में समायाेजित किया जाएगा।
सचिव मुख्यमंत्री ने कहा कि पुनर्वास व विस्थापन पर भी अलग अलग राय सामने आई है। होटल व्यवासायी पीपलकोटी में भूमि चाहते हैं। कुछ लोग नया जोशीमठ बसाने का सुझाव दे रहे हैं। अन्य सुझाव भी आए हैं। सभी सुझावों पर विस्तृत चर्चा के उपरांत ही कोई निर्णय किया जा सकेगा।
इस पत्रकार वार्ता में चमोली के जिलाधिकारी हिमांशु खुराना, अपर जिलाधिकारी डॉ अभिषेक त्रिपाठी, मुख्य विकास अधिकारी डॉ ललित नारायण मिश्रा, पुलिस अधीक्षक पदमेंद्र डोबाल, ज्वाइंट मजिस्ट्रेट दीपक सैनी, एसडीएम कुमकुम जोशी के अलावा उत्तराखंड अंतरिक्ष उपयोग केन्द्र के निदेशक डॉ. एमपीएस बिष्ट मौजूद रहे।
