चुनाव आयोग ने लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी द्वारा मतदाता सूची में हेराफेरी के लगाए गए आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। आयोग ने सोशल मीडिया पर जारी एक तथ्य-जांच में इन आरोपों को "भ्रामक" करार दिया।
आयोग ने कहा कि यदि श्री गांधी को अपने दावों की सच्चाई पर विश्वास है, तो उन्हें चुनाव नियमों के अनुसार शपथ पत्र या औपचारिक घोषणापत्र पर हस्ताक्षर कर के अपने आरोपों को प्रमाणित करना चाहिए। साथ ही आयोग ने यह भी कहा कि यदि विपक्ष के नेता स्वयं अपने दावों को लेकर आश्वस्त नहीं हैं, तो उन्हें "बेतुके निष्कर्षों" पर पहुँचने और जनता को गुमराह करने से बचना चाहिए।
चुनाव आयोग का यह स्पष्ट बयान राजनीतिक गलियारों में चर्चाओं को जन्म दे रहा है, खासकर ऐसे समय में जब चुनावी प्रक्रियाओं की पारदर्शिता को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं।
