विदेश राज्य मंत्री कीर्ति वर्धन सिंह ने पश्चिम एशिया में बातचीत के माध्यम से दो-राज्य समाधान पर भारत के ऐतिहासिक रुख की पुष्टि की है। उन्होंने कहा कि भारत एक शांतिपूर्ण और स्थिर पश्चिम एशिया के निर्माण के लक्ष्य को साकार करने में सक्रिय योगदान देने के लिए तैयार है।
यह बयान उन्होंने कंपाला में आयोजित गुटनिरपेक्ष आंदोलन की मंत्रिस्तरीय समिति की बैठक में अपने राष्ट्रीय वक्तव्य के दौरान दिया। मंत्री सिंह ने कहा कि भारत, अमेरिका के तत्कालीन राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की शांति योजना के पहले चरण पर हुए समझौते का स्वागत करता है और इस पहल व प्रयासों की सराहना करता है।
उन्होंने इस अवसर पर आतंकवाद की कड़ी निंदा की और कहा कि किसी भी स्थिति में नागरिकों के विनाश, निराशा और पीड़ा समाप्त होनी चाहिए।
साथ ही, उन्होंने गुटनिरपेक्ष आंदोलन की मंत्रिस्तरीय समिति की बैठक को समय पर आयोजित करने के लिए अध्यक्ष की भी प्रशंसा की।
इस प्रकार, भारत ने अपनी कूटनीतिक पहल के माध्यम से पश्चिम एशिया में शांति प्रक्रिया में संतुलित और सकारात्मक भूमिका निभाने का अपना संदेश स्पष्ट किया है।
