भारत ने अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच तनावपूर्ण स्थिति पर कड़ी नजर रखने की बात कहते हुए पाकिस्तान द्वारा आतंकवाद को संरक्षण देने की कड़ी निंदा की है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि पाकिस्तान की यह पुरानी आदत रही है कि वह अपनी आंतरिक विफलताओं का दोष अपने पड़ोसियों पर मढ़ता है।
उन्होंने कहा कि पाकिस्तान अफगानिस्तान की संप्रभुता को लेकर असहज है, जबकि भारत अफगानिस्तान की संप्रभुता, क्षेत्रीय अखंडता और स्वतंत्रता के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
काबुल मिशन को दूतावास में बदलेगा भारत
प्रवक्ता ने यह भी बताया कि भारत का तकनीकी मिशन जून 2022 से काबुल में कार्यरत है और जल्द ही इसे पूर्ण दूतावास में बदला जाएगा।
ऊर्जा व्यापार पर भारत का रुख
नायरा एनर्जी पर ब्रिटेन द्वारा लगाए गए प्रतिबंधों के संदर्भ में उन्होंने कहा कि भारत किसी भी एकतरफा प्रतिबंध का समर्थन नहीं करता। भारत के लिए ऊर्जा सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और भारतीय कंपनियाँ वैश्विक परिस्थितियों के अनुरूप ऊर्जा आयात करती हैं। उन्होंने यह भी जोड़ा कि ऊर्जा व्यापार में दोहरे मापदंड नहीं होने चाहिए।
ट्रंप-मोदी वार्ता पर स्थिति स्पष्ट
जब पूछा गया कि क्या डोनाल्ड ट्रंप और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बीच तेल आयात पर कोई बातचीत हुई है, तो प्रवक्ता ने स्पष्ट किया कि उन्हें ऐसी किसी चर्चा की जानकारी नहीं है।
