उभरता विज्ञान, प्रौद्योगिकी और नवाचार सम्मेलन (ईएसटीआईसी) 2025 का आयोजन आगामी 3 से 5 नवंबर तक नई दिल्ली के भारत मंडपम में किया जाएगा। इस आयोजन से पहले इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) ने राजधानी में एक पूर्वावलोकन कार्यक्रम आयोजित किया।
इस अवसर पर MeitY के सचिव एस. कृष्णन ने कहा कि भारत को समावेशी और परिवर्तनकारी विकास की दिशा में आगे बढ़ने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) को सामाजिक कल्याण के एक सशक्त उपकरण के रूप में अपनाना चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि भारत को विकसित राष्ट्र बनना है, तो उसे प्रौद्योगिकी की लहर पर सवार होना होगा — और एआई उस परिवर्तन की सबसे प्रमुख तकनीक है।
श्री कृष्णन ने यह भी रेखांकित किया कि देश को ऐसे समावेशी तंत्र विकसित करने की आवश्यकता है जो यह सुनिश्चित करें कि हर नागरिक सार्थक रूप से एआई तक पहुँच सके और उसका लाभ उठा सके।
विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग द्वारा आयोजित यह सम्मेलन भारत में नवाचार-आधारित विकास को प्रदर्शित करेगा और विकसित भारत 2047 की परिकल्पना को साकार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा।
