यह महागठबंधन नहीं लठबंधन है : प्रधानमंत्री | The Voice TV

Quote :

“स्वयं जैसे हो वैसे ही रहो; बाकी सब तो पहले से ही कोई और बन चुके हैं।” ― ऑस्कर वाइल्ड

National

यह महागठबंधन नहीं लठबंधन है : प्रधानमंत्री

Date : 24-Oct-2025

पटना, 24 अक्टूबर। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शुक्रवार को बिहार के बेगूसराय में भी राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) के उम्मीदवारों के पक्ष में जनसभा को संबोधित किया और लोगों से राजग उम्मीदवारों के पक्ष में मतदान करने की अपील की।उन्होंने इस मौके पर महागठबंधन को आड़े हाथों भी लिया।

प्रधानमंत्री ने अपनी दूसरी जनसभा में राष्ट्रीय जनता दल (राजद) और कांग्रेस पर प्रहार करते हुए कहा कि यह महागठबंधन नहीं लठबंधन है। उन्होंने कहा कि तथाकथित 'जंगल राज' के नेताओं ने जहां अपने परिवारों को प्राथमिकता दी और बिहार के युवाओं की संभावनाओं को नुकसान पहुंचाया, वहीं मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में राजग ने राज्य में समृद्धि लाई है।

प्रधानमंत्री ने कहा, "आप सभी को याद रखना चाहिए कि निवेशक राजद-कांग्रेस का नाम सुनते ही भाग जाते हैं। जो लोग नौकरी के नाम पर गरीबों से ज़मीन हड़पते हैं, वे आपको कभी रोजगार नहीं देंगे।

राजद के चुनाव चिन्ह पर कटाक्ष करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि बिहार के लोगों को लालटेन की जरूरत नहीं है, क्योंकि अब उनके मोबाइल फोन में टॉर्च है। उन्होंने राज्य से युवाओं के पलायन के लिए राजद और कांग्रेस को जिम्मेदार ठहराया।

उन्होंने कहा कि राजद ने पिछले दो दशकों में कोई चुनाव नहीं जीता है, लेकिन वह अपने अहंकार में डूबी हुई है। इसी अहंकार के कारण उसने झरखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) को गठबंधन से बाहर कर दिया। झामुमो ने राजद और कांग्रेस की राजनीतिक साजिश को गठबंधन से बाहर होने का कारण बताया और संकेत दिया कि अब वह झारखंड में इन दोनों दलों के साथ अपने गठबंधन पर पुनर्विचार करेगी।

प्रधानमंत्री ने कहा कि कांग्रेस 35 साल से बिहार में राजद के रहमो-करम पर है। जब स्वार्थ हावी होता है और लूट ही लक्ष्य होता है, तो राजद और कांग्रेस ठीक यही कर रहे होते हैं। वे पहले टिकट बेचते हैं, फिर घोटाले करते हैं। प्रधानमंत्री ने मंच पर खड़े राजग उम्मीदवार कुंदन सिंह, मटिहानी से राजकुमार सिंह, साहेबपुर कमाल से सुरेंद्र विवेक, चेरिया बरियारपुर से अभिषेक आनंद, बखरी से संजय पासवान, तेघरा से रजनीश कुमार और बछवारा से सुरेंद्र मेहता को भारी मतों से जीताने की लोगों से अपील की।

इससे पहले प्रधानमंत्री ने समस्तीपुर में अपने चुनाव अभियान की शुरुआत भारत रत्न कर्पूरी ठाकुर को श्रद्धांजलि अर्पित करके की, जो 1970 के दशक में बिहार के मुख्यमंत्री थे और जिन्हें इस साल देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मान से सम्मानित किया गया था।


RELATED POST

Leave a reply
Click to reload image
Click on the image to reload
Advertisement









Advertisement