उज्जैन में महाकाल मंदिर की ऑनलाइन बुकिंग 25 दिसंबर से होगी बंद, नए साल पर बदली जाएगी दर्शन व्यवस्था | The Voice TV

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"छोटा सा बदलाव ही जिंदगी की एक बड़ी कामयाबी का हिस्सा होता है"।

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उज्जैन में महाकाल मंदिर की ऑनलाइन बुकिंग 25 दिसंबर से होगी बंद, नए साल पर बदली जाएगी दर्शन व्यवस्था

Date : 07-Dec-2025

उज्जैन (मध्य प्रदेश), 07 दिसंबर । विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर में नए साल 2026 के अवसर पर बढ़ने वाली श्रद्धालुओं की भीड़ को ध्यान में रखते हुए बड़ा निर्णय लिया गया है। मंदिर समिति ने घोषणा की है कि 25 दिसंबर से 05 जनवरी 2026 तक ऑनलाइन बुकिंग पूरी तरह बंद रहेगी। इस दौरान भक्त केवल ऑफलाइन माध्यम से ही भस्म आरती और अन्य दर्शन की अनुमति प्राप्त कर सकेंगे। इसलिए यदि इन तारीखों में दर्शन का कार्यक्रम बना रहे हैं, तो समय से पूर्व योजना बनाना आवश्यक होगा।

मंदिर समिति के अनुसार, 31 दिसंबर से दो जनवरी के बीच करीब 10 लाख से अधिक श्रद्धालुओं के उज्जैन आने की संभावना है। भीड़ प्रबंधन, सुरक्षा और दर्शन व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए यह निर्णय लिया गया है। समिति का मानना है कि ऑफलाइन व्यवस्था के माध्यम से भीड़ पर बेहतर नियंत्रण रखा जा सकेगा।

नए साल पर दर्शन मार्ग में बड़ा बदलाव

वर्ष 2026 में महाकाल मंदिर परिसर में दर्शन व्यवस्था भी बदल दी जाएगी। नई व्यवस्था के अनुसार भक्तों की एंट्री त्रिवेणी संग्रहालय से होगी, वहां से महाकाल लोक के दर्शन करते हुए मानसरोवर तक पहुंचेंगे। इसके बाद टनल मार्ग से होते हुए गणेश मंडपम में दर्शन करेंगे और अंत में एग्जिट टनल से बछड़ा गणेश मंदिर के सामने बाहर निकलेंगे। इस दौरान केवल ऑफलाइन पंजीकरण के आधार पर एंट्री मिलेगी। श्रद्धालुओं को एक दिन पहले पहुंचकर फॉर्म भरना होगा। परमिशन भी भीड़ की संख्या के आधार पर दी जाएगी, इसलिए पहले आओ पहले पाओ की स्थिति रहेगी।

प्रसादी की मात्रा में होगा इजाफा

नए साल में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की आमद को देखते हुए मंदिर समिति ने लड्डू प्रसादी की मात्रा भी बढ़ाने का फैसला किया है। आम दिनों में जहां 30 से 40 क्विंटल लड्डू बनते हैं, वहीं नववर्ष के दौरान 50 क्विंटल से अधिक प्रसादी तैयार की जाएगी, ताकि किसी भक्त को प्रसाद के लिए परेशान न होना पड़े।

सुरक्षा व्यवस्था में बड़ा बदलाव

जानकारी के अनुसार एक जनवरी 2026 से महाकाल मंदिर परिसर की सुरक्षा व्यवस्था भी पूरी तरह बदली जाएगी। अब सुरक्षा की जिम्मेदारी दिल्ली की ‘कोर सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड’ कंपनी संभालेगी। इसके लिए मंदिर समिति को एक वर्ष में लगभग 20 करोड़ रुपये का खर्च आएगा। इससे पहले सुरक्षा की कमान ‘क्रिस्टल’ और ‘केएसएस’ कंपनियों के पास थी, जिनका कॉन्ट्रैक्ट समाप्त हो चुका है। अब नए कॉन्ट्रैक्ट में कई सख्त शर्तें जोड़ी गई हैं, कंपनी को 1000 सुरक्षाकर्मी तैनात करने होंगे, जिनमें कुछ हथियारों से लैस गार्ड भी रहेंगे, सभी सुरक्षा कर्मियों के लिए ड्रेस कोड अनिवार्य होगा।


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