बेंगलुरू, 16 जनवरी । कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने कहा है कि हर मत पवित्र होता है और लोकतंत्र तभी जीवित रह सकता है, जब उसकी सुरक्षा से जुड़े उपायों को प्रभावी और ईमानदारी से लागू किया जाए। उन्होंने यह टिप्पणी शुक्रवार को बृहन्मुंबई नगर निगम (बीएमसी) चुनावों से जुड़े कथित ‘अमिट स्याही’ विवाद के संदर्भ में की।
सोशल मीडिया पर जारी एक बयान में मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने कहा कि मीडिया रिपोर्टों और सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो यह संकेत देते हैं कि मतदान के दौरान लगाई जाने वाली ‘अमिट’ स्याही को सैनिटाइजर, एसीटोन और अन्य रसायनों की मदद से आसानी से हटाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि इस तरह के खुलासों ने चुनावी प्रक्रिया की विश्वसनीयता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं और यह मुद्दा अब महाराष्ट्र की सीमाओं से बाहर निकलकर पूरे देश में चर्चा का विषय बन गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह कोई अलग-थलग घटना नहीं है, बल्कि मतदान की पवित्रता से जुड़ी उन चिंताओं का हिस्सा है, जो समय-समय पर सामने आती रही हैं। उन्होंने कहा कि वास्तविक और गंभीर सवालों से इनकार करना, ध्यान भटकाने की कोशिश करना या चुप्पी साध लेना लोकतांत्रिक संस्थाओं में जनता के भरोसे को कमजोर करता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि बुनियादी सुरक्षा उपायों को कमजोर करना और नागरिकों की चिंताओं को नजरअंदाज करना लोकतंत्र की रक्षा नहीं करता, बल्कि उसे नुकसान पहुंचाता है।
मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने चुनाव आयोग से इस पूरे मामले में तत्काल हस्तक्षेप करने की मांग करते हुए कहा कि पारदर्शिता, जवाबदेही और आवश्यक सुधारात्मक कदम उठाए जाने चाहिए। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र की मजबूती के लिए चुनावी प्रक्रिया पर जनता का विश्वास बनाए रखना सबसे आवश्यक है और इसके लिए किसी भी स्तर पर समझौता नहीं किया जाना चाहिए।
