फतेहाबा द, 20 जनवरी। फतेहाबाद कोर्ट कॉम्प्लेक्स में गाड़ी पार्किंग को लेकर डीएसपी के रीडर और पार्किंग कर्मचारी के बीच हुए विवाद को लेकर दूसरे दिन मंगलवार को भी वकीलों ने वर्क सस्पेंड करते हुए अदालतों में कामकाज ठप्प रखा। मामलों में सिर्फ प्रॉक्सी काउंसिल के जरिए अगली तारीख ही ली गई। वकील आरोपित पुलिस कर्मचारी पर कार्रवाई की मांग पर अड़े हैं।
इस मामले में सेशन जज और हरियाणा-पंजाब उच्च न्यायालय की बार काउंसिल ने भी संज्ञान लिया है। सेशन जज ने मामले को लेकर पुलिस अधीक्षक सिद्धांत जैन से बातचीत की। हालांकि, पुलिस की तरफ से मामले को निपटाने के लिए दो बार प्रयास किए गए, लेकिन वकील रीडर पर कार्रवाई की मांग पर अड़े रहे।
सोमवार को कोर्ट परिसर की पार्किंग में कार खड़ी करने को लेकर डीएसपी जगदीश काजला के रीडर मुकेश कुमार का सिक्योरिटी गार्ड गुल्लू के साथ विवाद हो गया था। पुलिस कर्मचारी गाड़ी लेकर आया और कोर्ट में वकीलों के लिए बने पार्किंग में अपनी गाड़ी खड़ी करने लगा। यहां पार्किंग को लेकर डीएसपी के रीडर और कर्मचारी गुल्लू के बीच पहले बातचीत हुई और बाद में विवाद बढ़ गया। इसके बाद बार एसोसिएशन के पूर्व प्रधान नरेश सोनी मौके पर पहुंचे और उन्होंने कारण पूछा तो पुलिसकर्मी के साथ उनकी बहस हो गई।
वकीलों का आरोप है कि पुलिसकर्मी ने उनके साथ अभद्र भाषा का प्रयोग किया। घटना की सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में अन्य वकील भी मौके पर एकत्र हो गए और वर्क सस्पेंड की घोषणा कर दी। इसके बाद नाराज वकीलों ने कोर्ट में धरना शुरू कर दिया था।
जिला बार एसोसिएशन के पूर्व प्रधान विनय शर्मा और नरेश सोनी ने बताया कि जब तक रीडर के खिलाफ सख्त कार्रवाई नहीं होगी, तब तक बार एसोसिएशन का आंदोलन जारी रहेगा। किसी वकील के साथ अभद्र व्यवहार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
इस मामले में डीएसपी के रीडर मुकेश कुमार का कहना है कि उसने किसी के साथ गलत व्यवहार नहीं किया, न ही उनका किसी से कोई विवाद हुआ।
