किश्तवाड़, 31 जनवरी । उत्तरी सेना कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल प्रतीक शर्मा ने शनिवार को जम्मू और कश्मीर के किश्तवाड़ जिले का दौरा किया और आतंकवाद-रोधी ग्रिड की समीक्षा करते हुए चल रहे आतंकवाद-विरोधी अभियान में सैनिकों के अटूट संकल्प की सराहना की। जिले में छिपे जैश-ए-मोहम्मद के तीन आतंकवादियों के एक समूह को मार गिराने के लिए मुठभेड़ जारी है।
अधिकारियों ने बताया कि सेना कमांडर का यह पहाड़ी जिले का दौरा गुरुवार को जम्मू क्षेत्र में बदलती सुरक्षा स्थितियों की उच्च स्तरीय सुरक्षा समीक्षा के बाद हुआ है जिसमें आतंकवाद-रोधी ग्रिड को मजबूत करने पर विशेष ध्यान दिया गया था।
उत्तरी कमान मुख्यालय ने एक्स के माध्यम से बताया, "उत्तरी कमान के सेना कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल प्रतीक शर्मा ने आज किश्तवाड़ का दौरा कर आतंकवाद-रोधी ग्रिड और परिचालन तैयारियों की समीक्षा की।"
सेना कमांडर ने जमीनी कमांडरों और सैनिकों से बातचीत करते हुए चल रहे प्रयासों में उनके अटूट संकल्प की सराहना की।
अधिकारियों ने बताया कि गुरुवार को उत्तरी सेना के कमांडर ने जम्मू में एक उच्च स्तरीय सुरक्षा बैठक की अध्यक्षता की और जम्मू क्षेत्र में विकसित हो रही सुरक्षा स्थितियों की समीक्षा की जिसमें आतंकवाद विरोधी तंत्र को मजबूत करने पर विशेष ध्यान दिया गया।
इसी बीच बर्फ से ढके चत्रू क्षेत्र में जैश-ए-मोहम्मद के तीन आतंकवादियों के एक समूह को पकड़ने और उन्हें निष्क्रिय करने के लिए जारी आतंकवाद विरोधी अभियान जारी है। शुक्रवार को जारी अभियान के दौरान राष्ट्रविरोधी तत्वों द्वारा दुरुपयोग से बचने के लिए सिंहपोरा, चिंगम और चत्रू को कवर करने वाले 6 किलोमीटर के दायरे में मोबाइल इंटरनेट सेवाएं अस्थायी रूप से निलंबित रहीं। इस क्षेत्र में अभियान 18 जनवरी को शुरू किया गया था जिसके परिणामस्वरूप मन्द्रल-सिंहपोरा के पास सोनार जंगल में भीषण गोलीबारी हुई जिसमें एक पैराट्रूपर बलिदान हो गया और सात सैनिक घायल हो गए। हालांकि आतंकवादी घनी वनस्पति और दुर्गम भूभाग का फायदा उठाकर भागने में सफल रहे लेकिन सुरक्षा बलों ने 2 फीट से अधिक बर्फबारी के बावजूद उनकी तलाश जारी रखी।
सेना और आतंकवादियों के बीच 22 जनवरी को माली दाना टॉप और 25 जनवरी को जंसीर-कंडीवार में दो और मुठभेड़ें हुईं लेकिन आतंकवादी एक बार फिर जंगल में गहराई तक घुस गए। किश्तवाड़ में पिछले सात महीनों में छह मुठभेड़ें हुई हैं क्योंकि सुरक्षा बल इस क्षेत्र में सक्रिय पाकिस्तान स्थित आतंकवादियों के खिलाफ अपनी कार्रवाई जारी रखे हुए हैं जिसकी सीमा डोडा और उधमपुर जिलों से लगती है।
