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नेहरू पर समझौते और राष्ट्रीय सुरक्षा को लेकर भाजपा का तीखा हमला

Date : 26-Feb-2026

 नई दिल्ली, 26 फरवरी भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने गुरुवार को पूर्व प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू पर गंभीर आरोप लगाते हुए सवाल उठाया कि क्या उन्हें चीन और पाकिस्तान से किसी प्रकार की रिश्वत मिली थी, जिसके कारण भारत की भूमि इन देशों को दी गई। पार्टी ने कहा कि देश को यह जानने का अधिकार है कि उस दौर में राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े फैसले किन परिस्थितियों में लिए गए।

भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता संबित पात्रा ने पार्टी मुख्यालय में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में कहा, “आज हम बताना चाहते हैं कि वास्तविक रूप में ‘कम्प्रोमाइज्ड’ कौन था। इस पूरी श्रृंखला में सबसे पहले नाम नेहरू जी का आता है। उन्हें चाचा नेहरू कहा जाता है, लेकिन आज देश पूछ रहा है कि क्या वे ‘चाचा कम्प्रोमाइज्ड’ थे?”

उन्होंने आरोप लगाया कि नेहरू के कार्यकाल में राष्ट्रीय सुरक्षा ढांचा कमजोर हो गया था और गोपनीय दस्तावेज विदेशी एजेंसियों तक पहुंचते थे। पात्रा ने कहा कि उस समय अमेरिकी खुफिया एजेंसी सीआईए और सोवियत संघ की एजेंसी केजीबी का प्रभाव प्रधानमंत्री कार्यालय तक था। उन्होंने दावा किया कि नेहरू के विशेष सहायक एम.ओ. मथाई को लेकर भी उस समय सवाल उठे थे और यह कहा जाता था कि विदेशी एजेंसियों की मजबूत पैठ थी।

तिब्बत और अक्साई चिन का उल्लेख करते हुए भाजपा नेता ने कहा कि 1954 के पंचशील समझौते के तहत भारत ने तिब्बत पर चीन के अधिकार को स्वीकार किया। उन्होंने आरोप लगाया कि 1951 से चीन द्वारा ‘अक्साई चिन’ में सड़क निर्माण की जानकारी होने के बावजूद इसे 1959 तक सार्वजनिक नहीं किया गया और संसद में इसे अफवाह बताया गया।

पात्रा ने 1958 के नेहरू-नून समझौते का उल्लेख करते हुए कहा कि पश्चिम बंगाल के बेरुबारी क्षेत्र को पाकिस्तान को सौंपा गया। उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट की राय के बाद संविधान संशोधन के माध्यम से यह निर्णय लागू किया गया। 1962 के भारत-चीन युद्ध का संदर्भ देते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि सेना को पर्याप्त सैन्य तैयारी और रसद के बिना सीमा पर भेजा गया, जिससे देश को भारी क्षति उठानी पड़ी। उन्होंने यह भी दावा किया कि ओमान सरकार ने ग्वादर पोर्ट भारत को देने का प्रस्ताव रखा था, लेकिन उस समय इसे अस्वीकार कर दिया गया। वर्तमान में ग्वादर पोर्ट पाकिस्तान में स्थित है और सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जाता है।

इसके अतिरिक्त पात्रा ने राहुल गांधी पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि भारत को अंतरराष्ट्रीय मंचों पर बदनाम करने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने दावा किया कि सोशल मीडिया पर ऐसे संदेश प्रसारित हो रहे हैं, जिनमें कथित रूप से विश्व एआई सम्मेलन के खिलाफ पोस्ट करने पर धनराशि देने की बात कही गई है। भाजपा नेता ने कहा कि ये केवल नीतिगत भूलें नहीं थीं, बल्कि ऐसे निर्णय थे जिनके दूरगामी परिणाम देश आज भी भुगत रहा है। उन्होंने कांग्रेस से इन आरोपों पर स्पष्ट जवाब देने की मांग की।


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