देहरादून, 27 फरवरी। राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से.नि.) ने शुक्रवार को लोक भवन परिसर में आयोजित तीन दिवसीय वसंतोत्सव-2026 का शुभारंभ किया। इस माैके पर राज्यपाल ने कहा कि पुष्प उत्पादन और बागवानी राज्य की अर्थव्यवस्था को नई दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
राज्यपाल सिंह ने कहा कि इससे किसानों की आय में वृद्धि के साथ-साथ रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे। राज्यपाल ने ‘अरोमा क्रांति’ का उल्लेख करते हुए कहा कि उत्तराखण्ड की प्राकृतिक संपदा से तैयार सुगंधित एवं औषधीय उत्पाद वैश्विक स्तर पर विशेष पहचान बना सकते हैं। यदि इन उत्पादों को आधुनिक तकनीक और प्रभावी विपणन से जोड़ा जाए तो राज्य के लिए आर्थिक प्रगति के नए द्वार खुल सकते हैं।
इस अवसर पर राज्यपाल ने “भोज पत्र” विषय पर डाक विभाग की ओर से जारी विशेष डाक आवरण का विमोचन किया। इस माैके पर उन्हाेंने डाक टिकट प्रदर्शनी का उद्घाटन किया। उन्होंने कहा कि भोज पत्र हमारी प्राचीन ज्ञान परंपरा और समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक है।
इस वर्ष वसंतोत्सव की थीम “फ्लोरल हीलिंगःनेचर्स पाथ टू वेल बीइंग” रखी गई है। उद्यान विभाग ने थीम आधारित स्टॉल लगाए गए, जिनमें हिमालयी क्षेत्रों के पुष्पों से तैयार उत्पादों एवं फ्लोरल हीलिंग की अवधारणा को प्रदर्शित किया गया। प्रथम दिवस पर राष्ट्रीय दृष्टि दिव्यांगजन सशक्तीकरण संस्थान तथा निरामया योगम रिसर्च फाउंडेशन द्वारा रिदमिक योग की प्रस्तुति दी गई। वहीं वुशु एसोसिएशन, उत्तराखण्ड के खिलाड़ियों ने वुशु के करतब दिखाए। पेंटिंग प्रतियोगिता में 738 बच्चों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
इस वसंतोत्सव में 15 श्रेणियों की 55 उपश्रेणियों में कुल 2314 प्रतिभागियों ने भाग लिया, जबकि विभिन्न संस्थानों एवं व्यक्तियों द्वारा 343 स्टॉल लगाए गए। प्रतियोगिताओं के विजेताओं को 01 मार्च 2026 को सम्मानित किया जाएगा। इस अवसर पर कृषि एवं कृषक कल्याण मंत्री गणेश जोशी, पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री सतपाल महाराज, प्रथम महिला गुरमीत कौर, सचिव राज्यपाल रविनाथ रामन, सचिव कृषि एस.एन. पाण्डेय, अपर सचिव रीना जोशी, निदेशक उद्यान एस.एल. सेमवाल सहित अन्य अधिकारी एवं बड़ी संख्या में आमजन उपस्थित रहे।
