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हिमाचल राज्यसभा चुनाव: कांग्रेस उम्मीदवार अनुराग शर्मा का निर्विरोध चुना जाना तय, भाजपा ने नहीं उतारा उम्मीदवार

Date : 05-Mar-2026

 शिमला, 05 मार्च । हिमाचल प्रदेश में राज्यसभा चुनाव इस बार एकतरफा रहेगा। कांग्रेस उम्मीदवार अनुराग शर्मा ने गुरुवार को विधानसभा सचिवालय में अपना नामांकन दाखिल कर दिया। नामांकन के दौरान विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया, मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू, उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री और कई मंत्री व विधायक मौजूद रहे।

 
अनुराग शर्मा के मैदान में अकेले उम्मीदवार होने से उनका निर्विरोध चुना जाना लगभग तय है। भाजपा ने नामांकन के आखिरी दिन इस चुनाव में उम्मीदवार नहीं उतारा है। ऐसे में अब औपचारिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद उनके चुने जाने की घोषणा हो सकती है।
 
68 सदस्यीय हिमाचल विधानसभा में कांग्रेस के पास 40 विधायक हैं, जबकि भाजपा के 28 सदस्य हैं। संख्या बल के हिसाब से भी कांग्रेस की स्थिति मजबूत है। हालांकि इस बार मुकाबला होने की नौबत ही नहीं आई।
 
यह सीट भाजपा की राज्यसभा सांसद इंदू गोस्वामी का छह साल का कार्यकाल पूरा होने के बाद खाली हुई है। खास बात यह है कि इंदू गोस्वामी भी कांगड़ा जिले से थीं और कांग्रेस उम्मीदवार अनुराग शर्मा भी कांगड़ा से आते हैं। इस तरह लगातार दूसरी बार राज्यसभा में कांगड़ा जिले का प्रतिनिधि जाएगा।
 
निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार 6 मार्च को नामांकन पत्रों की जांच होगी और 9 मार्च तक नाम वापस लिए जा सकते हैं। 16 मार्च को मतदान की तारीख तय है और उसी दिन परिणाम घोषित होना है। लेकिन मौजूदा स्थिति में मतदान की जरूरत नहीं पड़ेगी।
 
करीब दो साल पहले हुए राज्यसभा चुनाव में कांग्रेस को करारा झटका लगा था। तब कांग्रेस उम्मीदवार अभिषेक मनु सिंघवी को हार का सामना करना पड़ा था और भाजपा के हर्ष महाजन जीतकर राज्यसभा पहुंचे थे। उस चुनाव में कांग्रेस के कुछ विधायकों ने क्रॉस वोटिंग की थी। इस बार स्थिति अलग है और कांग्रेस के लिए यह चुनाव सहज रहा है।
 
अनुराग शर्मा हाल ही में कांगड़ा जिला कांग्रेस के अध्यक्ष बने थे। उनका राजनीतिक सफर छात्र राजनीति से शुरू हुआ। वे नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ इंडिया से जुड़े रहे हैं। संगठन में सक्रिय और जमीनी स्तर पर काम करने वाले नेता के रूप में उनकी पहचान है।
 
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि कांग्रेस ने कांगड़ा को प्रतिनिधित्व देने और सामाजिक संतुलन साधने के लिहाज से भी यह फैसला किया है। अनुराग शर्मा ब्राह्मण समुदाय से आते हैं और उनकी छवि साफ-सुथरी मानी जाती है।
 

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