कोलकाता, 08 मार्च। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी मतदाता सूची पुनरीक्षण के मुद्दे को लेकर शनिवार को लगातार दूसरे दिन कोलकाता के धर्मतला में धरने पर बैठी हैं। उन्होंने भाजपा और चुनाव आयोग पर बंगाल के मतदाताओं को मताधिकार से वंचित करने की साजिश रचने का आरोप लगाया।
धरना कार्यक्रम चुनाव आयोग की पूर्ण पीठ के प्रस्तावित कोलकाता दौरे से ठीक पहले शुरू हुआ है। यह धरना प्रतिदिन सुबह 10 बजे से रात 8 बजे तक चल रहा है। तृणमूल कांग्रेस का आरोप है कि 2026 के विधानसभा चुनाव से पहले मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण की प्रक्रिया जल्दबाजी और अव्यवस्थित तरीके से की जा रही है।
ममता बनर्जी ने कहा कि बंगाल के मतदाताओं के अधिकारों की रक्षा के लिए उनका यह आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने दावा किया कि भाजपा और चुनाव आयोग की कथित साजिश को जनता के सामने उजागर किया जाएगा।
धरना मंच पर तृणमूल कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेता, बुद्धिजीवी, कलाकार और सामाजिक क्षेत्र से जुड़े लोग मौजूद रहे। पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी ने भी सभा को संबोधित करते हुए आरोप लगाया कि मतदाता सूची से बड़ी संख्या में नाम हटाने की कोशिश की जा रही है, जिससे लोकतांत्रिक प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है।
उन्होंने कहा कि अंतिम सूची में लाखों नाम हटाए जाने और बड़ी संख्या में मतदाताओं को निर्णयाधीन श्रेणी में रखने से आगामी विधानसभा चुनाव में उनकी भागीदारी को लेकर अनिश्चितता पैदा हो गई है। तृणमूल कांग्रेस ने इस मुद्दे को लेकर चुनाव आयोग से पारदर्शिता सुनिश्चित करने और मतदाताओं के अधिकारों की रक्षा करने की मांग की है।
