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भारत-बांग्लादेश सीमा पर कंटीले तार लगाने के लिए जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू

Date : 17-May-2026

 मालदा, 17 मई। पश्चिम बंगाल सरकार के निर्देश के बाद मालदा जिले में भारत-बांग्लादेश की खुली सीमा पर कंटीले तार लगाने के लिए जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू हो गई है। शनिवार को हबीबपुर ब्लॉक के भवानीपुर और आग्रा हरिश्चंद्रपुर इलाके में भूमि एवं भूमि सुधार विभाग के अधिकारियों ने सीमा क्षेत्र में जमीन के दस्तावेजों की जांच कर मापने का काम शुरू किया।

अधिकारियों ने बताया कि मालदा जिले के छह थाना क्षेत्रों में भारत-बांग्लादेश सीमा की कुल लंबाई लगभग 172 किलोमीटर है। इनमें से करीब 33 किलोमीटर सीमा अब भी खुली है। सबसे अधिक खुली सीमा हबीबपुर ब्लॉक में है, जहां 20 से 25 किलोमीटर क्षेत्र में अभी तक कंटीले तार नहीं लगाए गए हैं।

जिले में सीमा सुरक्षा के लिए कंटीले तार लगाने हेतु लगभग 260 एकड़ जमीन की आवश्यकता है। प्रशासनिक सूत्रों के मुताबिक, अब तक 10 एकड़ जमीन अधिग्रहण का काम पूरा हो चुका है। शुक्रवार को मालदा जिलाधिकारी कार्यालय में सीमा सुरक्षा बल और जिला प्रशासन के बीच इस मुद्दे पर एक आपात बैठक भी हुई थी। उसी बैठक के बाद भूमि एवं भूमि सुधार विभाग ने जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया तेज कर दी।

सीमावर्ती किसानों ने प्रशासन की इस पहल का स्वागत किया है। किसानों का कहना है कि पूर्व में तृणमूल कांग्रेस सरकार के समय कई बार जमीन अधिग्रहण के नाम पर मापजोख की गई, लेकिन वास्तविक काम आगे नहीं बढ़ा। किसानों का आरोप है कि सीमा खुली रहने के कारण बांग्लादेशी अपराधियों द्वारा फसलों की लूटपाट की घटनाएं होती रही हैं। उनका मानना है कि कंटीले तार लगने के बाद ऐसी घटनाओं पर रोक लगेगी।

हबीबपुर ब्लॉक के भूमि एवं भूमि सुधार अधिकारी स्वपन तरफदार ने कहा कि विभागीय कर्मचारी किसानों से जमीन से संबंधित दस्तावेज एकत्र कर रहे हैं और जमीन की मापजोक शुरू हो चुकी है। उन्होंने उम्मीद जताई कि निर्धारित समयसीमा के भीतर अधिग्रहण की प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी।

इस मुद्दे पर जुएल मुर्मू ने आरोप लगाया कि तृणमूल सरकार के कार्यकाल में सीमा पर कंटीले तार लगाने में बाधाएं खड़ी की गई थीं। उन्होंने कहा कि वोटबैंक की राजनीति के कारण उस समय परियोजना को आगे नहीं बढ़ने दिया गया। उन्होंने दावा किया कि अब पश्चिम बंगाल में भाजपा सरकार आने के बाद राष्ट्रीय सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए जमीन अधिग्रहण का काम शुरू हुआ है।


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