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विहिप ने पशु वध को लेकर कलकत्ता हाई कोर्ट के फैसले का स्वागत किया

Date : 23-May-2026

 नई दिल्ली, 23 मई । विश्व हिंदू परिषद (विहिप) ने बकरीद पर पशुवध/गौहत्या के संदर्भ में कलकत्ता उच्च न्यायालय के फैसले का स्वागत करते हुए इसे संविधान और न्यायपालिका के अनुरूप बताया है। विहिप ने कहा कि न्यायालय ने अपने फैसले में स्पष्ट किया है कि पशुवध या गौहत्या किसी भी समुदाय का धार्मिक अधिकार नहीं है। उन्होंने कहा कि यह निर्णय उन राज्यों के लिए भी एक स्पष्ट संदेश है, जहां अभी तक गोवंश संरक्षण को लेकर कठोर कानून नहीं बनाए गए हैं

विहिप के केंद्रीय संयुक्त महामंत्री डॉ. सुरेंद्र जैन ने शनिवार को एक बयान में कहा कि न्यायालय ने अपने फैसले में स्पष्ट किया है कि गौहत्या किसी भी समुदाय का धार्मिक अधिकार नहीं है। यह निर्णय उन राज्यों के लिए भी एक स्पष्ट संदेश है, जहां अभी तक गौवंश संरक्षण को लेकर कठोर कानून नहीं बनाए गए हैं। अब यह स्पष्ट हो गया है कि भारत में गौहत्या करना कानूनी अपराध है और हिंदू समाज इसे कतई बर्दाश्त नहीं करेगा।

डॉ. जैन ने कहा कि उच्च न्यायालय ने अपने निर्णय में उच्चतम न्यायालय के पूर्व आदेशों का भी उल्लेख किया है, जिनमें राज्य सरकारों द्वारा बनाए गए गौवंश संरक्षण कानूनों को वैध और संवैधानिक माना गया था। इससे यह स्पष्ट हुआ है कि भारत में गौहत्या कानूनी रूप से अपराध की श्रेणी में आती है और संविधान के दायरे में रहकर ही सभी को अपने अधिकारों का उपयोग करना चाहिए।

उन्होंने कहा कि देश के अधिकांश राज्यों में गौवंश हत्या निषेध कानून पहले से लागू हैं, लेकिन जिन राज्यों में ऐसे कानून प्रभावी रूप से लागू नहीं हैं, वहां की सरकारों को भी इस दिशा में कदम उठाने चाहिए। उन्होंने राज्य सरकारों से आग्रह किया कि वे न्यायपालिका के फैसलों, पर्यावरणीय चिंताओं और समाज की भावनाओं को ध्यान में रखते हुए अपने यहां भी गोवंश हत्या पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने पर विचार करें।

डॉ. जैन ने कहा कि पश्चिम बंगाल और दिल्ली सरकारों ने हाल के आदेशों में बकरीद के अवसर पर कानून व्यवस्था और पर्यावरणीय पहलुओं को ध्यान में रखते हुए व्यवस्थाएं लागू की हैं। सार्वजनिक स्थानों पर ऐसे किसी भी कार्य से बचा जाना चाहिए, जिससे सामाजिक सौहार्द प्रभावित हो या लोगों की भावनाएं आहत हों। उन्होंने अन्य राज्यों से भी इसी तरह की व्यवस्थाएं लागू करने की अपील की।

डॉ. जैन ने कहा कि गौवंश संरक्षण को लेकर विहिप का गौरक्षा विभाग और बजरंग दल की गौरक्षा समितियां देशभर में सक्रिय रहेंगी और कानून के दायरे में रहकर यह सुनिश्चित करने का प्रयास करेंगी कि न्यायपालिका के आदेशों और संवैधानिक प्रावधानों का पालन हो। विहिप ने गौहत्या के मामलों में कठोर कार्रवाई की भी मांग की गई है।


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