उधमपुर, 19 जून (हि.स.)। उत्तरी सेना के कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने सोमवार को अमरनाथ यात्रा की चल रही तैयारियों को देखा। उन्होंने यात्रा के दोनों मार्गों पर व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया। उन्हें रात में निगरानी रखने के लिए बहुस्तरीय सुरक्षा व्यवस्था की जानकारी दी गई।
अमरनाथ यात्रा प्रतिवर्ष दो मार्गों से होती है, जिसमें गांदरबल में बालटाल से (दक्षिणी मार्ग) और अनंतनाग जिले में पहलगाम से (उत्तरी मार्ग) हैं। इस बार भी यह यात्रा दो महीने की अवधि के लिए 01 जुलाई से शुरू होगी। सेना कमांडर ने तैयारियों की समीक्षा करने के साथ ही दोनों मार्गों पर व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्हें रात में देखने वाले उपकरणों, स्नाइपर्स, ड्रोन सिस्टम, बम निरोधक दस्ते, डॉग स्क्वायड, काउंटर आईईडी उपकरण, वाहन मरम्मत और बरामदगी के माध्यम से रात में निगरानी रखने के लिए बहुस्तरीय सुरक्षा व्यवस्था की जानकारी दी गई।
उन्हें बताया गया कि काफिले की सुचारू आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए टीमें और यात्रा को घटना मुक्त बनाने के लिए नागरिक एजेंसियों के साथ तालमेल किया जा रहा है। उन्हें बीआरओ, भारतीय वायु सेना और हाई एल्टीट्यूड वारफेयर स्कूल की टीमों द्वारा की गई व्यवस्था भी दिखाई गई। सेना के अधिकारियों ने बताया कि अमरनाथ की यात्रा करने वाले यात्रियों के लिए पवित्र गुफा मंदिर तक का रास्ता लगभग साफ है। नागरिक प्रशासन, गैर सरकारी संगठनों और अन्य एजेंसियों के समन्वय से सेना दोनों मार्गों पर अपनी तैयारियां कर चुकी है।
यह भी जानकारी दी गई कि विभिन्न स्थानों पर ऑक्सीजन सिलेंडर और नियंत्रण कक्ष की विशेष व्यवस्था के साथ कई चिकित्सा सैन्य टुकड़ी चौबीसों घंटे तैनात की जा रही है। भक्तों को हवाई यात्रा की सुविधा प्रदान करने के लिए विभिन्न नागरिक उड्डयन एजेंसियों को शामिल किया गया है। सेना ने चिकित्सा आपात स्थितियों के लिए और अन्य हवाई लिफ्ट आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए कई स्थानों पर हेलीपैड स्थापित किए हैं। सेना ने पवित्र यात्रा के दौरान आवास और आराम प्रदान करने के लिए विशेष शीतकालीन कपड़ों की व्यवस्था के साथ-साथ पर्याप्त तम्बू सुविधा तथा कई यात्री शिविर भी स्थापित किए हैं।
पिछले साल अमरनाथ यात्रा के दौरान बादल फटने के अनुभवों के आधार पर किसी भी प्रकार की आपदा को कम करने के लिए नागरिक बचाव दलों और हिमस्खलन बचाव दलों को व्यवस्थित रूप से तैनात किया जाएगा। आपात स्थिति के लिए रास्ते में कई स्थानों पर अर्थ मूवर्स भी रखे जाएंगे। दोनों मार्गों पर निर्बाध संचार नेटवर्क भी चालू कर दिया गया है। एसएफएफ की टुकड़ी भी लोगों की सुरक्षा पर नजर रखेगी।इसके अलावा संयुक्त प्रशिक्षण, संयुक्त अभियान, संयुक्त अभ्यास और मॉक ड्रिल सहित सभी सिविल एजेंसियों के साथ तालमेल किया गया है।
