नई दिल्ली, 11 सितंबर । किसानों के अधिकार को लेकर चार दिवसीय वैश्विक सम्मेलन मंगलवार से नई दिल्ली में आयोजित किया जा रहा है। 12 से 15 सितंबर तक चलने वाले इस सम्मेलन का उद्घाटन राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू करेंगी। पौधा किस्म एवं कृषक अधिकार संरक्षण प्राधिकरण के अध्यक्ष डॉ. त्रिलोचन महापात्र ने सोमवार को यह जानकारी दी।
एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए डॉ. त्रिलोचन महापात्रा ने कहा कि भारत की ओर से कृषकों के अधिकारों पर आयोजित यह पहली वैश्विक संगोष्ठी आईसीएआर कन्वेंशन सेंटर, एनएएससी काम्प्लेक्स, नई दिल्ली में होगी। इस वैश्विक संगोष्ठी में 500 से अधिक प्रतिनिधियों के शामिल होने की उम्मीद है, जिसमें अंतरराष्ट्रीय संधि के राष्ट्रीय केंद्र बिंदु सहित 86 देशों के प्रतिनिधि, दुनिया भर के किसान निकाय, नीति निर्माता, वैज्ञानिक, अनुसंधान विद्वान, उद्योग प्रतिनिधि, सरकारी अधिकारी, अंतर सरकारी और गैर-सरकारी संगठन, कानूनी विशेषज्ञ और नागरिक समाज शामिल होंगे। उद्घाटन समारोह में पौधों की किस्मों और किसानों के अधिकार संरक्षण (पीपीवीएफआर) अधिनियम, 2001 के प्रावधानों के अनुसार पौधा किस्म और कृषक अधिकार संरक्षण (पीपीवीएफआर) प्राधिकरण द्वारा स्थापित कृषक पुरस्कार दिया जाएग।
पात्रा ने कहा कि भारत अपने पीपीवीएफआर अधिनियम, 2001 के माध्यम से पौधा किस्म पंजीकरण के माध्यम से कृषकों के अधिकारों को शामिल करने वाला दुनिया का पहला देश है। अब तक, पीपीवीएफआर प्राधिकरण ने 2,073 कृषक किस्मों सहित 5,293 पौधा किस्मों को पंजीकृत कर सुरक्षा प्रदान की है। पात्रा ने बताया कि संगोष्ठी में अंतरराष्ट्रीय संधि के अनुच्छेद 9 में निर्धारित कृषकों के अधिकारों से संबंधित विभिन्न मुद्दों पर पांच अलग-अलग तकनीकी सत्रों, दो पैनल चर्चाओं और तीन विशेष सत्रों में विचार-विमर्श किया जाएगा। कृषक मंच पर एक विशेष सत्र में कृषकों की प्रस्तुतियां शामिल होंगी। पात्रा ने कहा कि इस गोष्ठी में ''कृषक अधिकारों का दिल्ली फ्रेमवर्क'' होगा, जो कृषकों के अधिकारों के कार्यान्वयन के लिए संभावित मार्ग प्रशस्त करेगा।
