पाकिस्तानी सेना ने सीटीडी से 50 घंटे बाद छुड़ाया कब्जा, ऑपरेशन में 33 आतंकी ढेर, 2 जवानों की मौत | The Voice TV

Quote :

"सकारात्मक सोच ही सफलता की पहली सीढ़ी है।"

International

पाकिस्तानी सेना ने सीटीडी से 50 घंटे बाद छुड़ाया कब्जा, ऑपरेशन में 33 आतंकी ढेर, 2 जवानों की मौत

Date : 21-Dec-2022

 - दो जवान मारे गए, 10-15 जवान घायल

- सभी बंधक रिहा, रक्षा मंत्री ने की पुष्टि

इस्लामाबाद, 20 दिसंबर (हि.स.)। पाकिस्तान के पख्तूनखवा में स्थित बन्नू काउंटर टेररिज्म सेंटर (सीटीडी) में पाकिस्तानी सेना के हमले में 33 आतंकी मारे गए हैं। इस सैन्य कार्रवाई में पाकिस्तान सेना के स्पेशल सर्विस ग्रुप के 2 कमांडो भी मारे गए हैं। इसी के साथ ही पाकिस्तान की सेना ने सीटीडी में बंधक बनाए गए सभी अफसरों को रिहा करवा लिया है।

पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने मंगलवार को नेशनल असेंबली को अपनी ब्रीफिंग में बताया कि खैबर पख्तूनख्वा के बन्नू में आतंकवाद निरोधक विभाग (सीटीडी) के परिसर को तीन दिनों के बाद खाली करा लिया गया। सुरक्षा गार्डों पर हावी होने वाले सभी 33 आतंकवादी इस अभियान में मारे गए। आसिफ ने कहा, "दोपहर ढाई बजे तक एसएसजी ने परिसर को खाली करा लिया था। सभी बंधकों को मुक्त करा लिया गया है।" उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि आतंकवादी एक समूह का हिस्सा नहीं थे, बल्कि वे विभिन्न प्रतिबंधित संगठनों से संबंधित थे।

रक्षा मंत्री ने कहा कि परिसर के अंदर 33 गिरफ्तार आतंकवादी थे और उनमें से एक ने केंद्र में तैनात एक पुलिस कर्मी को कब्जे में लेकर उसका हथियार छीन लिया और बाद में आतंकवादियों ने केंद्र पर कब्जा कर लिया। इस घटना में प्रतिबंधित तहरीक-ए-तालिबान (पाकिस्तान (टीटीपी)) से जुड़े आतंकवादी शामिल थे। गतिरोध समाप्त करने के लिए पाकिस्तानी सरकार ने उग्रवादी समूह के नेतृत्व के साथ बातचीत शुरू की।

सूत्रों ने पहले जियो न्यूज को बताया था कि आतंकवादी अफगानिस्तान के लिए सुरक्षित हवाई मार्ग की मांग कर रहे थे।" इस घटना का दुर्भाग्यपूर्ण पक्ष यह है कि आतंकवाद एक बार फिर सिर उठा रहा है, खासकर केपी और बलूचिस्तान में। अन्य प्रांतों में भी घटनाएं हुई हैं लेकिन इन दोनों प्रांतों में हमने स्पष्ट सबूत देखे हैं।"

रक्षा मंत्री ने उल्लेख किया कि सीटीडी की देखरेख करने वाली प्रांतीय सरकार अपनी जिम्मेदारी निभाने में "पूरी तरह विफल" रही है। उन्होंने कहा, "पूरी प्रांतीय सरकार जमान पार्क में इमरान खान की बंधक थी। दूसरी ओर केपी में निर्दोष लोगों को (आतंकवादियों द्वारा) बंधक बना लिया गया था।" आसिफ ने कहा कि जब केपी में बाढ़ आई, तब भी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ के नेतृत्व वाली सरकार बार-बार उम्मीदों पर खरा उतरने में विफल रही है।


RELATED POST

Leave a reply
Click to reload image
Click on the image to reload
Advertisement









Advertisement