नई दिल्ली, 13 जनवरी । प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने विकसित भारत यंग लीडर्स डायलॉग में युवाओं को देश की रचनात्मक शक्ति का केंद्र बताते हुए कंटेंट, क्रिएटिविटी, नेक्स्ट जेनरेशन रिफॉर्म्स और भारतीय सांस्कृतिक विरासत को वैश्विक मंच पर आगे बढ़ाने का आह्वान किया।
प्रधानमंत्री ने एक्स पर किए गए अलग-अलग पोस्ट में कहा कि बीते 11 वर्षों में देश के हर क्षेत्र में संभावनाओं के अनंत द्वार खुले हैं। उन्होंने कंटेंट और क्रिएटिविटी सेक्टर का उल्लेख करते हुए कहा कि युवा रामायण और महाभारत की प्रेरक कथाओं को भी गेमिंग वर्ल्ड का हिस्सा बना सकते हैं। हनुमान जी जैसे पात्र पूरी दुनिया की गेमिंग इंडस्ट्री को दिशा दे सकते हैं।
प्रधानमंत्री ने कहा कि नेक्स्ट जेनरेशन रिफॉर्म्स का जो सिलसिला शुरू किया गया था, वह अब रिफॉर्म एक्सप्रेस का रूप ले चुका है और इसके केंद्र में देश की युवा शक्ति है।
एक अन्य पोस्ट में प्रधानमंत्री ने कहा कि गुलामी की मानसिकता से बाहर निकलकर देश को अपनी विरासत और अपने विचारों को आगे बढ़ाना होगा। उन्होंने कहा कि स्वामी विवेकानंद का जीवन भी युवाओं को यही संदेश देता है।
