नई दिल्ली, 05 जनवरी । झारखंड सरकार की ओर से ‘ श्री सम्मेद शिखर’ को पर्यटन स्थल बनाने के निर्णय पर चौतरफा विरोध को देखते हुए गुरुवार को केन्द्रीय पर्यटन मंत्री जी किशन रेड्डी ने कहा कि जैन समुदाय की भावनाओं को आहत करने की सरकार की कोई भाव नहीं है।
इस बाबत केंद्रीय मंत्री जी किशन रेड्डी ने कहा कि केन्द्र सरकार जैन समुदाय के साथ-साथ हर समुदाय की भावनाओं का पूरा सम्मान करती है। पर्यटन मंत्री ने जैन समाज को आश्वस्त करते हुए कहा कि केन्द्र सरकार पवित्र स्थान को बचाने का पूरा प्रयास करेगी।
आगे उन्होंने बताया कि इस विषय पर राज्य सरकार के मुख्यमंत्री को चिट्ठी लिखी गई है। इसके साथ केन्द्रीय पर्यावरण मंत्रालय को भी चिट्ठी लिखी गई है। पर्यटन स्थल की पवित्रता नष्ट होने नहीं दी जाएगी।
उल्लेखनीय है कि 2 अगस्त 2019 को केंद्रीय वन मंत्रालय द्वारा पारसनाथ पहाड़ी जंगल क्षेत्र के एक हिस्से को ‘वन्य जीव अभ्यारण्य और पर्यावरण संवेदनशील क्षेत्र (इको सेंसेटिव ज़ोन) घोषित किया गया। इसके बाद 2 जुलाई 22 को झारखंड सरकार ने भी इस क्षेत्र को पर्यटन स्थल बनाने की घोषणा कर दी। ‘सम्मेद शिखर’ को पर्यटन स्थल बनाने के फैसले का विरोध कर रहे जैन समाज के लोगों से मुख्यमंत्री के सचिव और राज्य पर्यटन सचिव ने पिछले दिनों वार्ता भी की, जिसमें उक्त विवाद के संदर्भ में दोनों पक्षों ने अपनी-अपनी बात रखी।
